जो इंडिया / नवी मुंबई:
नवी मुंबई के वाशी सेक्टर 10 इलाके में कानून व्यवस्था और सामाजिक माहौल को लेकर गंभीर चिंता का विषय सामने आया है। यहां नाबालिगों द्वारा खुलेआम धूम्रपान और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे स्थानीय रहिवासियों में भारी नाराजगी और असुरक्षा की भावना पनप रही है।
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, रात के समय सेक्टर 10 के कई स्थानों पर खुलेआम शराबखोरी होती है। खासकर संजोग बार के आसपास और वाशी–कोपरखैरने मुख्य मार्ग पर भुर्जी पाव और चाइनीज फूड की अवैध गाड़ियां लगती हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग जमा होकर सार्वजनिक रूप से शराब का सेवन करते हैं। कानून के मुताबिक सार्वजनिक जगहों पर शराब पीना प्रतिबंधित है, इसके बावजूद इस तरह की गतिविधियां बेखौफ जारी हैं।
नाबालिगों में बढ़ रही धूम्रपान की लत
सबसे चिंताजनक बात यह है कि सेक्टर 10 के मिनी मार्केट क्षेत्र में नाबालिग लड़के-लड़कियां खुलेआम सिगरेट पीते नजर आ रहे हैं। यहां स्थित मोमोज की दुकानों के आसपास यह गतिविधियां आम हो चुकी हैं। स्थानीयों का कहना है कि इन बच्चों में किसी तरह का डर नहीं है, जिससे साफ है कि नियमों का पालन कराने में प्रशासन पूरी तरह नाकाम रहा है।
बाहरी युवकों पर गंभीर आरोप
रहिवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ बाहरी युवक इस इलाके में आकर नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर उन्हें धूम्रपान और गलत गतिविधियों की ओर धकेल रहे हैं। इस तरह की घटनाएं न केवल सामाजिक माहौल को खराब कर रही हैं, बल्कि बच्चों के भविष्य के लिए भी खतरा बन रही हैं।
अवैध फूड स्टॉल्स पर भी सवाल
मिनी मार्केट में गैस सिलेंडर पर खाना बनाने पर प्रतिबंध होने के बावजूद कई जगहों पर मोमोज और अन्य फास्ट फूड खुलेआम तैयार किए जा रहे हैं। इससे सुरक्षा मानकों का उल्लंघन तो हो ही रहा है, साथ ही आग जैसी दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है।
प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप
लगातार बढ़ती इन घटनाओं के बावजूद पुलिस और मनपा प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन सिर्फ मूकदर्शक बना हुआ है, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले और बुलंद हो रहे हैं।
तुरंत कार्रवाई की मांग
रहिवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके में सख्त गश्त बढ़ाई जाए, अवैध स्टॉल्स हटाए जाएं और नाबालिगों को धूम्रपान व शराब से दूर रखने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई कर इलाके में फिर से शांति और सुरक्षा बहाल की जाए।
