Breaking News

रोहित शेट्टी फायरिंग केस में बड़ा खुलासा: सोशल मीडिया से प्रभावित शूटर आगरा से गिरफ्तार, गैंग की साजिश का पर्दाफाश

रोहित शेट्टी फायरिंग केस में बड़ा खुलासा: सोशल मीडिया से प्रभावित शूटर आगरा से गिरफ्तार, गैंग की साजिश का पर्दाफाश

मुंबई:

फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े चर्चित नाम रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास ‘शेट्टी टॉवर’ पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस सनसनीखेज केस में फरार चल रहे मुख्य शूटर प्रदीप कुमार उर्फ ‘गाठ’ को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया गया है। मुंबई क्राइम ब्रांच और यूपी एसटीएफ की संयुक्त टीम ने यह ऑपरेशन बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया।

यह घटना 1 फरवरी की रात की है, जब अज्ञात शूटरों ने रोहित शेट्टी के घर के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी थी। शुरुआती जांच में ही यह स्पष्ट हो गया था कि यह हमला किसी निजी दुश्मनी का नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में डर का माहौल बनाने और उगाही के लिए दबाव बनाने की साजिश का हिस्सा था।

जांच के दौरान पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस के जरिए महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसी के आधार पर यह जानकारी सामने आई कि आरोपी प्रदीप कुमार आगरा में छिपा हुआ है। इसके बाद मुंबई पुलिस और यूपी एसटीएफ ने संयुक्त रूप से जाल बिछाया और 16 अप्रैल की शाम आगरा-इटावा रोड पर नदेमी मठ के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। प्रदीप ने बताया कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, खासकर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर गैंग के पोस्ट और लाइफस्टाइल से प्रभावित होकर अपराध की दुनिया में आया। उसने कबूल किया कि वह कुख्यात शुभम लोणकर गिरोह के लिए काम करता था और फायरिंग की घटना में सीधे तौर पर शामिल था। वारदात के समय वह अपने साथियों सनी, दीपू और सोनू के साथ मौके पर मौजूद था।

इस केस में पुलिस पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू, दीपक और विष्णु कुशवाहा शामिल हैं। हालांकि, मुख्य आरोपी प्रदीप कुमार लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा, जिससे उसे पकड़ना चुनौतीपूर्ण हो गया था।

फिलहाल आरोपी को आगरा के बाह थाने में रखा गया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया जाएगा। क्राइम ब्रांच की टीम उससे गहन पूछताछ कर रही है, जिससे उम्मीद है कि इस पूरे नेटवर्क और गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में और भी अहम जानकारी सामने आएगी।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से न सिर्फ इस मामले की गुत्थी सुलझेगी, बल्कि शहर में सक्रिय अन्य आपराधिक गिरोहों पर भी शिकंजा कसने में मदद मिलेगी। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि किस तरह सोशल मीडिया का गलत प्रभाव युवाओं को अपराध की ओर धकेल सकता है।


Most Popular News of this Week

आवारा कुत्तों की नसबंदी पर BMC...

Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने मुंबई में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के...

शॉकिंग! मुंबई के गोरेगांव NESCO...

मुंबई | गोरेगांव NESCO कॉम्प्लेक्स में एक शॉकिंग घटना हुई है, जहाँ एक लाइव...

नेस्को सेंटर में हुई कथित...

मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में आयोजित एक कॉन्सर्ट के दौरान कथित...

दिवा खाडी किनारी मॅंग्रोव्ह...

ठाणे जिल्ह्यातील दिवा प्रभाग समिती समोरील शील–दिवा रोड लगत खाडी...

सौर ऊर्जा से किसानों को दिन...

मुंबई: महाराष्ट्र में किसानों को दिन के समय निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के...

मुंबईतील उष्णतेच्या...

मुंबई|पावसाळा जवळ येत असताना, बृहन्मुंबई महानगरपालिकेने (BMC) संपूर्ण...