नवी मुंबई
नवी मुंबई में अवैध निर्माण के खिलाफ जारी RTI मुहिम अब बेहद संवेदनशील और खतरनाक दौर में प्रवेश कर चुकी है। शहर में पारदर्शिता लाने की कोशिश कर रहे RTI कार्यकर्ताओं को अब सीधे निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, RTI कार्यकर्ता अमित मौर्या उन प्रमुख लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने शहर में कई संदिग्ध और अनधिकृत निर्माण परियोजनाओं की जानकारी जुटाकर संबंधित विभागों को दी थी। बताया जा रहा है कि उनकी शिकायतों के बाद कई निर्माण स्थलों पर जांच भी शुरू हुई थी, जिससे जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया था।
इसी बीच, उन पर हुए जानलेवा हमले ने यह संकेत दे दिया है कि अवैध निर्माण के खिलाफ आवाज उठाना अब कितना जोखिम भरा हो गया है। हमले में गोली उनके कान के पास से निकल गई, जिससे वे बाल-बाल बच गए। उन्हें तुरंत मुलुंड के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
नवी मुंबई के अलावा ठाणे, पनवेल, भिवंडी, तळोजा, मानखुर्द और चेंबूर जैसे इलाकों में भी RTI के जरिए बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आ रही हैं। इन शिकायतों में बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन, बिना अनुमति निर्माण और अधिकारियों की कथित लापरवाही जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इन खुलासों के चलते बिल्डर लॉबी और कुछ प्रभावशाली लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। ऐसे में RTI कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। कई कार्यकर्ताओं ने अनौपचारिक रूप से सुरक्षा की मांग भी की है।
इस घटना के बाद यह सवाल और गहरा हो गया है कि क्या सिस्टम सच बोलने वालों की रक्षा कर पाएगा? क्या अवैध निर्माण पर कार्रवाई होगी या फिर शिकायत करने वालों को ही चुप कराने की कोशिश जारी रहेगी?
पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
