नवी मुंबई/रायगढ़:
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के सुकळी खिंड इलाके में शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसने यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गोवा जा रही एक निजी बस के यात्रियों ने कथित तौर पर नशे में धुत चालक को बार-बार बस रोकने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। आखिरकार कुछ ही देर बाद बस अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 22 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे से पहले का खौफनाक एक घंटा
प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों के परिजनों के अनुसार, यह हादसा अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसकी शुरुआत खारपाड़ा इलाके से हुई, जहां बस का चालक बदला गया। नए चालक हेमंत पाटिल (36) के स्टीयरिंग संभालते ही यात्रियों को उसकी हालत संदिग्ध लगी।
यात्रियों ने बताया कि चालक लड़खड़ाते हुए गाड़ी चला रहा था और तेज रफ्तार में बस को मोड़ रहा था। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई यात्रियों ने बस रुकवाने की कोशिश की और बीच रास्ते उतरकर विरोध भी जताया।
‘लाल परी’ ऐप पर शिकायत, फिर भी नहीं मिली मदद
डरे हुए यात्रियों ने राज्य परिवहन की ‘लाल परी’ ऐप के जरिए आधी रात को शिकायत दर्ज कराई और मदद की गुहार लगाई। कुछ यात्रियों ने सड़क पर बैठकर विरोध भी किया, लेकिन रात के करीब 2 बजे कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण उन्हें मजबूरन उसी बस में वापस बैठना पड़ा। यही फैसला कुछ ही देर में जानलेवा साबित हुआ।
खाई में पलटी बस, मचा कोहराम
सुबह करीब 3 बजे मुंबई-गोवा हाईवे पर सुकळी खिंड के खतरनाक घाट में बस तेज रफ्तार में नियंत्रण खो बैठी और कई बार पलटते हुए गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि कई यात्री खिड़कियों से बाहर जा गिरे। इस हादसे में नईम निजाम शेख (33) कामोठे निवासी, नीलम वैभव विभूते (40) – पनवेल निवासी की मौके पर ही मौत हो गई।
अस्पताल में अफरा-तफरी, कई की हालत गंभीर
घायलों को तुरंत कामोठे के MGM अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां, कुल 22 घायल पहुंचे, 12 की हालत गंभीर बताई गई, 5 मरीज ICU में भर्ती है। कई को सिर, छाती और पेल्विस में गंभीर चोटें आई है। एक युवक का पैर पूरी तरह कट गया। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
चमत्कारिक बचाव और चालक की हालत
इस हादसे में एक डेढ़ साल का बच्चा सुरक्षित बच गया, जिसे चमत्कार माना जा रहा है।
वहीं बस चालक हेमंत पाटिल गंभीर रूप से घायल होकर कोमा में है और अलीबाग के सरकारी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना राज्य सरकार की परिवहन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यात्रियों ने समय रहते शिकायत की, विरोध किया, यहां तक कि ऐप के जरिए अलर्ट भी दिया—फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब यात्रियों ने खतरे की सूचना दी थी, तो तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या परिवहन सिस्टम की आपातकालीन प्रतिक्रिया पूरी तरह फेल हो गई?
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और चालक की हालत सुधरने के बाद उससे पूछताछ की जाएगी। साथ ही, बस ऑपरेटर और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
