नवी मुंबई। नवी मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र के प्रभाग क्रमांक 14D (14 गांव) के नगरसेवक भरत कृष्णा भोईर के विरुद्ध दायर चुनाव याचिका पर बेलापुर स्थित सिविल न्यायालय (वरिष्ठ विभाग) ने एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया है।
इस मामले में याचिकाकर्ता सविता देविदास लगाडे ने महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम, 1949 की धारा 10(1)(ज) के अंतर्गत दो-बच्चे के नियम के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है। याचिका के अनुसार, नगरसेवक भोईर के तीसरे बच्चे का जन्म 17 फरवरी 2002 को हुआ, जो कि निर्धारित कट-ऑफ तिथि 12 सितंबर 2001 के बाद है। इस आधार पर उन्हें अयोग्य घोषित किए जाने की मांग की गई है।याचिकाकर्ता द्वारा अपने दावे के समर्थन में अस्पताल अभिलेख, जन्म पंजी रजिस्टर तथा महानगरपालिका के दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं। वहीं, प्रतिवादी द्वारा 10 मई 2001 की जन्मतिथि दर्शाने वाला एक अलग प्रमाण प्रस्तुत किया गया है, जिसे प्रथमदृष्टया संदिग्ध बताया गया है।
मामले की गंभीरता तथा साक्ष्यों में छेड़छाड़ की संभावना को देखते हुए न्यायालय ने एकतरफा (ex parte) अंतरिम राहत प्रदान की है। न्यायालय ने नगरसेवक भरत भोईर को अगले आदेश तक किसी भी प्रकार के प्रशासनिक अथवा नीतिगत निर्णय लेने से रोक दिया है।
साथ ही, संबंधित अधिकारियों को मूल जन्म अभिलेखों को सील कर सुरक्षित रखने तथा जन्म पंजी रजिस्टर एवं डिजिटल रिकॉर्ड न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस दौरान प्रतिवादी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है तथा मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, याचिकाकर्ता को सिविल प्रक्रिया संहिता के ऑर्डर 39 नियम 3 का पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
यह मामला महानगरपालिका कानून में दो-बच्चे के नियम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और विधि के पालन को लेकर न्यायालय की सख्त भूमिका को रेखांकित करता है।
