नवी मुंबई। तुर्भे स्टोर क्षेत्र में डामर सड़क को तोड़कर कांक्रीटीकरण का कार्य शुरू किए जाने पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने कड़ा विरोध जताया है। मनसे तुर्भे विभाग प्रमुख चंद्रकांत मंजुलकर ने इस कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाते हुए मनपा आयुक्त से मांग की है कि मौजूदा सड़क की मरम्मत कर पुनः डामरीकरण किया जाए।
मंजुलकर ने कहा कि ठाणे-बेलापुर रोड पर तुर्भे स्टोर के पास लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए यहां तीन पादचारी पुल (फुट ओवर ब्रिज) का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए पहले भी प्रशासन को अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पादचारी पुलों का निर्माण नहीं किया जाता, तब तक तुर्भे स्टोर क्षेत्र में कांक्रीटीकरण का कार्य बंद किया जाए। नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए पहले आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।
तुर्भे उपविभाग प्रमुख गणेश नीलगोंडे ने भी प्रशासन की उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि रोजाना नागरिक अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क पार कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज कर रहा है।
नीलगोंडे ने बताया कि वर्ष 2024 में चंद्रकांत मंजुलकर के नेतृत्व में इस मांग को लेकर आंदोलन भी किया गया था, उस समय अधिकारियों ने 7 से 8 महीनों के भीतर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था। लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
मनसे ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पादचारी पुलों का निर्माण शुरू नहीं किया गया, तो तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था की समस्या की पूरी जिम्मेदारी नवी मुंबई महानगरपालिका प्रशासन की होगी।
