नवी मुंबई: नवी मुंबई महानगरपालिका (NMMC) ने शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। सभागृह नेता सागर नाईक द्वारा प्रस्तुत “शिक्षण रूपांतरण नीति 2026” के तहत शहर की मनपा स्कूलों में व्यापक सुधार और आधुनिक शिक्षा प्रणाली लागू करने की योजना बनाई गई है।
इस नई नीति के अनुसार, नवी मुंबई महानगरपालिका की सभी स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित किया जाएगा। हालांकि, प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि मराठी भाषा का महत्व बरकरार रहेगा और विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा से भी जोड़े रखा जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी शिक्षा उपलब्ध हो सके।
महापालिका ने आगामी शैक्षणिक सत्र यानी जून 2026 से ही किंडरगार्टन (KG) स्तर से अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य तय किया है। इससे छोटे बच्चों को शुरुआती स्तर से ही आधुनिक शिक्षा प्रणाली का लाभ मिलेगा।
विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कक्षा 4 और कक्षा 7 में ‘एप्टीट्यूड टेस्ट’ (बुद्धिमत्ता परीक्षण) आयोजित किए जाएंगे। इन परीक्षणों के आधार पर छात्रों की क्षमता का आकलन कर उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए सही दिशा दी जाएगी।
इतना ही नहीं, कक्षा 7 से ही छात्रों को स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे वे कम उम्र में ही आत्मनिर्भर बन सकें। इस प्रशिक्षण में रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य आधुनिक तकनीकों से जुड़े कोर्स शामिल किए जाएंगे, जो छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे।
नई नीति में खेल और शारीरिक विकास को भी विशेष महत्व दिया गया है। छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
