मुंबई: (APMC Mumbai fruit market scam)
मुंबई की एपीएमसी फल मंडी में इन दिनों कोकण के प्रसिद्ध ‘हापुस’ आम के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कर्नाटक और केरल से आने वाले आमों को ‘कोकण हापुस’ बताकर ग्राहकों को बेचा जा रहा है। इस फर्जीवाड़े से जहां एक ओर उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर कोकण के असली हापुस उत्पादक किसानों की प्रतिष्ठा को भी गहरा झटका लग रहा है।
मंडी में धड़ल्ले से चल रहा खेल
सूत्रों के अनुसार, एपीएमसी की होलसेल मंडी में कुछ व्यापारी संगठित तरीके से इस फर्जी कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। ये व्यापारी बाहर से आए आमों को आकर्षक पैकिंग और ‘ऑरिजिनल हापुस’ के नाम से ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। आम ग्राहकों के लिए असली और नकली हापुस की पहचान करना मुश्किल हो जाता है, जिसका फायदा उठाकर यह गोरखधंधा लगातार फल-फूल रहा है।
मार्केट संचालकों पर मिलीभगत के आरोप
इस पूरे मामले में फल मार्केट संचालकों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि सामने आकर साफ-सुथरी छवि पेश करने वाले कुछ संचालक पर्दे के पीछे ऐसे व्यापारियों को संरक्षण दे रहे हैं। जब भी एपीएमसी प्रशासन सख्त कार्रवाई की कोशिश करता है, तब इन प्रभावशाली लोगों द्वारा अधिकारियों पर दबाव बनाया जाता है, जिससे कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली जाती है।
‘बंगाली टोली’ का बढ़ता दबदबा
मंडी में सक्रिय कुछ व्यापारियों का दावा है कि इस अवैध कारोबार में ‘बंगाली टोली’ का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है। कहा जा रहा है कि इस समूह के जरिए बड़े पैमाने पर आम की सप्लाई और बिक्री को नियंत्रित किया जा रहा है। आरोप यह भी है कि इन्हें कुछ स्थानीय व्यापारियों और संचालकों का संरक्षण प्राप्त है, जिससे यह नेटवर्क बेखौफ होकर काम कर रहा है।
किसानों और प्रशासन दोनों को नुकसान
इस फर्जीवाड़े का सबसे बड़ा नुकसान कोकण के हापुस उत्पादक किसानों को उठाना पड़ रहा है। उनकी मेहनत से उगाए गए असली आम की पहचान धूमिल हो रही है, जिससे बाजार में उनकी कीमत और मांग पर असर पड़ रहा है। साथ ही, एपीएमसी प्रशासन की साख भी दांव पर लग गई है, क्योंकि लगातार शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
ग्राहकों से सतर्क रहने की अपील
विशेषज्ञों का कहना है कि असली हापुस आम की पहचान उसकी खुशबू, स्वाद और आकार से की जा सकती है। ग्राहकों को खरीदारी करते समय सावधानी बरतने और विश्वसनीय विक्रेताओं से ही आम लेने की सलाह दी जा रही है।
कार्रवाई की मांग तेज
मामला सामने आने के बाद अब ईमानदार व्यापारियों और किसान संगठनों ने एपीएमसी प्रशासन से इस फर्जीवाड़े पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में यह घोटाला और भी बड़े स्तर पर फैल सकता है, जिससे पूरे फल बाजार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
