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संयुक्त परिवार के संदेश के साथ नवी मुंबई में गुढीपाड़वा का भव्य उत्सव, ढोल-ताशा और पारंपरिक रैंप वॉक ने बढ़ाई रौनक

संयुक्त परिवार के संदेश के साथ नवी मुंबई में गुढीपाड़वा का भव्य उत्सव, ढोल-ताशा और पारंपरिक रैंप वॉक ने बढ़ाई रौनक

नवी मुंबई :

हिंदू नववर्ष के स्वागत का पर्व गुढीपाड़वा नवी मुंबई के सोनखार-पामबीच क्षेत्र में इस वर्ष बेहद धूमधाम और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। सानपाड़ा सेक्टर-16 स्थित गुनीना मैदान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में ‘संयुक्त परिवार’ की भावना को केंद्र में रखते हुए समाज में एकता और वैश्विक शांति का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत उपमहापौर दशरथ भगत द्वारा सपत्नीक गुढी स्थापना के साथ हुई। मंत्रोच्चार के बीच गुढी खड़ी की गई और इसके बाद उपस्थित नागरिकों ने सामूहिक रूप से पसायदान गाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सुबह से ही बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति ने इस आयोजन को खास बना दिया।

इसके बाद शुरू हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे माहौल को जीवंत कर दिया। ढोल-ताशा पथकों के दमदार प्रदर्शन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें युवाओं ने जोश और ऊर्जा के साथ भाग लिया। तालबद्ध धुनों पर गूंजते मैदान में उत्साह का माहौल देखने लायक था।

महिलाओं के लेझीम पथक ने पारंपरिक अंदाज में शानदार प्रस्तुति देकर सभी का दिल जीत लिया। सुसंगत ताल और पारंपरिक वेशभूषा में किया गया यह प्रदर्शन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बना। इसके साथ ही शिवकालीन मर्दानी खेलों के प्रदर्शन ने दर्शकों को इतिहास की झलक दिखाई और आयोजन में वीरता का रंग भर दिया।

उत्सव में बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने संतों, महापुरुषों और पारंपरिक पात्रों की वेशभूषा धारण कर भाग लिया। विशेष रूप से बच्चों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक रैंप वॉक ने दर्शकों का खूब ध्यान आकर्षित किया। आत्मविश्वास से भरे इन प्रस्तुतियों को तालियों की गूंज के बीच सराहा गया।

कार्यक्रम स्थल पर बनाई गई भव्य रंगोली ने भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल प्रतिभागियों को आयोजकों की ओर से नकद पुरस्कार, उपहार और गिफ्ट वाउचर देकर सम्मानित किया गया।

इस आयोजन का नेतृत्व नगरसेवक निशांत करसन भगत, नगरसेविका प्रीती संदीप भगत और समाजसेवक संदीप करसन भगत ने किया। विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाओं के सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस अवसर पर उपमहापौर दशरथ भगत ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भारतीय परंपरा को याद करते हुए कहा कि आज वैश्विक स्तर पर चल रहे संघर्षों से मानवता और संसाधनों का नुकसान हो रहा है, ऐसे में भारतीय संस्कृति का संयुक्त परिवार और विश्व एक परिवार का संदेश पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायक है।

कार्यक्रम में पूर्व नगरसेविका फशीबाई भगत, वैजयंती भगत, रुपाली भगत सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सोनखार (पामबीच) ज्येष्ठ नागरिक सेवा समिति और सोनखार कराओके कला मंच का आयोजन को सफल बनाने में विशेष योगदान रहा।


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