नवी मुंबई :
नवी मुंबई पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए महापे इलाके में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर निवेश के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का एक अन्य सदस्य अभी फरार है। पुलिस को शुरुआती जांच में एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का पता चला है।
पुलिस के अनुसार, महापे में “DG Share Market Research” नाम से एक कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। यहां से देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों को फोन कर शेयर बाजार में निवेश करने पर कम समय में ज्यादा मुनाफा दिलाने का लालच दिया जाता था। आरोपी खुद को मार्केट एक्सपर्ट और निवेश सलाहकार बताकर लोगों का भरोसा जीतते थे और फिर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लोगों से ठगी की रकम जमा करने के लिए कुल 18 बैंक खातों का इस्तेमाल किया। इन खातों के जरिए करीब 1 करोड़ 2 लाख 58 हजार 818 रुपये की साइबर ठगी की गई है। पुलिस का मानना है कि ठगी की यह रकम और बढ़ सकती है, क्योंकि कई पीड़ितों की पहचान अभी बाकी है।
इस मामले में पुलिस ने शिवम दुबे और सुजीत वाल्मीकि को गिरफ्तार किया है। वहीं इस गिरोह का तीसरा सदस्य सूरज दुबे फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कॉल सेंटर से कई कंप्यूटर, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन सभी उपकरणों की साइबर फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या मैसेज के जरिए मिलने वाले निवेश प्रस्तावों पर भरोसा न करें। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले कंपनी और सलाह देने वाले व्यक्ति की विश्वसनीयता की जांच जरूर करें। किसी भी तरह की साइबर ठगी होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
