नवी मुंबई:
महिला कर्मचारियों के स्वास्थ्य और नवजात शिशु की बेहतर देखभाल को ध्यान में रखते हुए नवी मुंबई महानगरपालिका में प्रसूति अवकाश बढ़ाने का अहम फैसला लिया गया है। वर्तमान में महिला कर्मचारियों को मिलने वाली 180 दिनों की प्रसूति रजा को बढ़ाकर 9 महीने करने के प्रस्ताव को स्थायी समिति ने मंजूरी दे दी है। हालांकि यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। राज्य सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद ही यह निर्णय लागू हो सकेगा।
महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में संकेत दिया है कि महिला कर्मचारियों को मिलने वाली 180 दिनों की मातृत्व अवकाश अवधि को जरूरत पड़ने पर एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। इसी पृष्ठभूमि में नवी मुंबई महानगरपालिका प्रशासन ने अपने कर्मचारियों के लिए विभिन्न प्रकार की छुट्टियों से संबंधित नियमों में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है।
स्थायी समिति के सामने रखे गए इस प्रस्ताव में कर्मचारियों के लिए अलग-अलग प्रकार की छुट्टियों का समावेश किया गया है। इसमें अर्जित अवकाश, साधारण अवकाश, चिकित्सा अवकाश, प्रसूति अवकाश, पितृत्व अवकाश, विशेष अवकाश, बिना वेतन अवकाश और बाल संगोपन अवकाश जैसी रजाओं का उल्लेख किया गया है। इन नियमों को तैयार करते समय कर्मचारियों के हित, स्वास्थ्य सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
बैठक के दौरान स्थायी समिति की सदस्य स्वाती गुरखे ने इस प्रस्ताव में संशोधन सुझाते हुए प्रसूति अवकाश को 180 दिनों से बढ़ाकर सीधे एक वर्ष करने की मांग रखी। इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद समिति ने मध्यम मार्ग अपनाते हुए प्रसूति अवकाश को 9 महीने तक बढ़ाने का निर्णय लिया। गुरखे के प्रस्ताव को समिति की सदस्य अंजली वाळूंज ने समर्थन दिया।
समिति के सदस्यों ने कहा कि प्रसूति के बाद महिला कर्मचारियों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होने के लिए पर्याप्त समय मिलना आवश्यक है। साथ ही नवजात शिशु की देखभाल के लिए भी मां को अधिक समय मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से प्रसूति अवकाश बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
