नवी मुंबई।
नवी मुंबई के सीबीडी बेलापुर इलाके में डी-मार्ट के सामने फुटपाथ पर हुई युवक की निर्मम हत्या के मामले में नवी मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। खास बात यह रही कि वारदात के समय न तो मृतक की पहचान हो सकी थी और न ही आरोपी का कोई सुराग पुलिस के हाथ लगा था। इसके बावजूद तकनीकी जांच, खुफिया सूचना और लगातार की गई पड़ताल के आधार पर पुलिस ने हत्या की पूरी गुत्थी सुलझा ली।
जानकारी के अनुसार, 17 जुलाई की रात करीब 1 बजे सीबीडी बेलापुर स्थित डी-मार्ट के सामने फुटपाथ पर एक युवक का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवक के शरीर पर बांस से किए गए कई वार के निशान थे। सूचना मिलते ही एनआरआई पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस मामले में एनआरआई पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान मृतक की पहचान 25 वर्षीय सलमान अनवर शेख, निवासी गोवंडी (मानखुर्द, मुंबई) के रूप में हुई। वहीं, आरोपी की पहचान मोहम्मद इरफान अंसारी (35), निवासी भिवंडी के रूप में की गई, जिसे घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया।
क्राइम ब्रांच यूनिट-2 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल पाटिल ने बताया कि मृतक और आरोपी दोनों भंगार के कारोबार से जुड़े हुए थे और काम के सिलसिले में नवी मुंबई की एक बंद पड़ी इमारत में साथ रह रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सलमान नशे का आदी था और अक्सर छोटी-छोटी बातों पर विवाद करता था।
घटना वाली रात भी दोनों के बीच मामूली कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। गुस्से में आकर इरफान अंसारी ने पास में मौजूद बांस उठाकर सलमान पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सिर और शरीर पर गंभीर चोट लगने से सलमान की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया और पुलिस से बचने के लिए अपना मोबाइल फोन भी बंद कर दिया।
मामले की जांच पुलिस के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि शुरुआती दौर में न तो मृतक की पहचान थी और न ही किसी प्रत्यक्षदर्शी ने घटना देखी थी। ऐसे में क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय मुखबिर तंत्र और अन्य उपलब्ध सुरागों को जोड़ते हुए पहले मृतक की पहचान सुनिश्चित की। इसके बाद आरोपी की लोकेशन का पता लगाकर भिवंडी से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल किए गए बांस और अन्य साक्ष्यों को भी जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
इस सफल कार्रवाई को क्राइम ब्रांच यूनिट-2 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल पाटिल, सहायक पुलिस निरीक्षक अभिजीत पाटिल, पुलिस उपनिरीक्षक संजय पवार तथा उनकी टीम ने अंजाम दिया। बिना किसी प्रत्यक्ष गवाह और शुरुआती पहचान के महज 24 घंटे में अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाना नवी मुंबई पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
