बार-बार इलेक्ट्रिक बसों में आग लगने की घटनाओं से यात्रियों की सुरक्षा पर चिंता, 45 तकनीकी खामी वाली बसें फिलहाल सेवा से हटाई गईं
नवी मुंबई: वाशी-तुर्भे स्थित नवी मुंबई महानगरपालिका परिवहन (NMMT) के तुर्भे डिपो में मंगलवार देर रात जेबीएम कंपनी की एक इलेक्ट्रिक बस में अचानक आग लग गई। आग बस की बैटरी से शुरू होने की प्राथमिक जानकारी सामने आई है। घटना के समय बस डिपो में खड़ी थी, जिससे किसी भी यात्री या कर्मचारी को नुकसान नहीं पहुंचा। सूचना मिलते ही वाशी फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से आसपास खड़ी अन्य बसें भी सुरक्षित बच गईं।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब राज्य के वन मंत्री गणेश नाईक ने दो दिन पहले ही NMMT के लिए 51 नई सीएनजी बसों का लोकार्पण किया था। इससे पहले पिछले महीने घणसोली डिपो में भी जेबीएम कंपनी की 9 मीटर इलेक्ट्रिक बस में आग लगने की घटना सामने आई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने इलेक्ट्रिक बसों की तकनीकी सुरक्षा और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी सुरक्षा, नियमित तकनीकी निरीक्षण और समय-समय पर मेंटेनेंस बेहद जरूरी है। बार-बार आग लगने की घटनाओं के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या बसों की तकनीकी जांच निर्धारित मानकों के अनुसार की जा रही है और क्या यात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम मौजूद हैं।
घटना के बाद NMMT परिवहन समिति के सभापति विकास झंजाड ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। एहतियात के तौर पर जेबीएम कंपनी की तकनीकी खामी वाली 45 इलेक्ट्रिक बसों को तत्काल प्रभाव से मार्ग पर भेजना बंद कर दिया गया है। साथ ही संबंधित कंपनी को इनके स्थान पर वैकल्पिक बसें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस घटना के बाद नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते तकनीकी खामियों को दूर नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। परिवहन विशेषज्ञ भी इलेक्ट्रिक बसों की सुरक्षा प्रणाली की समीक्षा, बैटरी जांच और रखरखाव व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
