नवी मुंबई : रिलायन्स फाउंडेशन स्कूल ( Reliance Foundation School ) कोपरखैरने के खिलाफ पीटीए(PTA ) सदस्य मधू शंकर द्वारा की गई शिकायतों पर गठित जांच समिति निर्धारित समयसीमा के बावजूद अब तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर पाई है, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
गौरतलब है कि शिकायतकर्ता मधू शंकर अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) 2024-25 की सदस्य थीं। उनका आरोप है कि उस दौरान बिना उन्हें जानकारी दिए स्कूल द्वारा फीस में बढ़ोतरी कर दी गई थी। इस बात की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सबसे पहले स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग से इसकी शिकायत की थी।
इसके बाद नवी मुंबई महानगरपालिका के शिक्षा विभाग ने स्कूल की फीस संरचना और PTA की कार्यप्रणाली से संबंधित शिकायतों की जांच के लिए 26 अप्रैल 2026 को तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति को 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।
शिकायत में महाराष्ट्र शैक्षणिक संस्था (फीस विनियमन) अधिनियम 2011 की धारा 6(2) के तहत शैक्षणिक वर्ष 2025-26 और 2026-27 के प्रस्तावित शुल्क से संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां, तथा धारा 9 के अंतर्गत PTA द्वारा स्वीकृत शुल्क की प्रतियां मांगी गई थीं। इसके अलावा, वर्ष 2024-25 की PTA बैठकों की सूचनाएं और पिछले दो वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट भी मांगी गई थी।
शिकायतकर्ता मधू शंकर ने बताया कि समिति में आकाराम पारखे (केंद्र समन्वयक), प्रशांत म्हात्रे (विषय विशेषज्ञ) और विद्या पानसरे (विषय विशेषज्ञ) को शामिल किया गया था। समिति को स्कूल प्रबंधन से संपर्क कर सभी दस्तावेजों की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
मधू शंकर के अनुसार, शिक्षण उपायुक्त द्वारा निर्धारित 15 दिनों की समयसीमा पूरी होने के बावजूद रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने से अभिभावकों में नाराजगी बढ़ रही है। साथ ही शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि समिति कब तक अपनी रिपोर्ट सौंपती है और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
