पनवेल ।
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (NMIA) ने अपने विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय कार्गो सेवाओं की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। एयरपोर्ट से पहली बार अंतरराष्ट्रीय निर्यात माल की खेप सफलतापूर्वक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी के लिए रवाना की गई। इस उपलब्धि के साथ नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पश्चिम भारत के निर्यात और हवाई माल परिवहन के क्षेत्र में एक नए केंद्र के रूप में उभरने लगा है।
पहली अंतरराष्ट्रीय कार्गो खेप में कुल 1,789 किलोग्राम नाशवंत (Perishable) कृषि उत्पाद शामिल थे। इस खेप को एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान IX207 के माध्यम से यात्री विमान की बेली-होल्ड कार्गो सुविधा का उपयोग करते हुए अबू धाबी भेजा गया। इसी के साथ नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पहली अंतरराष्ट्रीय मालवाहक सेवा का आधिकारिक रिकॉर्ड दर्ज हो गया।
यह उपलब्धि ऐसे समय में मिली है, जब हाल ही में प्रतिष्ठित Prix Versailles 2026 पुरस्कारों में नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को दुनिया के सबसे सुंदर हवाई अड्डों में शामिल किया गया था। अब अंतरराष्ट्रीय कार्गो सेवा शुरू होने से एयरपोर्ट की वैश्विक पहचान और मजबूत होने की उम्मीद है।
फिलहाल एयर इंडिया एक्सप्रेस नवी मुंबई और अबू धाबी के बीच सप्ताह में दो दिन—बुधवार और शुक्रवार नियमित उड़ान संचालित कर रही है। इससे महाराष्ट्र और पश्चिम भारत के किसानों, कृषि उत्पाद निर्यातकों तथा अन्य उद्योगों को संयुक्त अरब अमीरात तक अपने उत्पाद तेजी से पहुंचाने का नया विकल्प मिलेगा। विशेष रूप से फल, सब्जियां, फूल और अन्य जल्दी खराब होने वाले उत्पादों के निर्यात को बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
पहली खेप को एयरपोर्ट की अत्याधुनिक कार्गो सुविधाओं के जरिए कोल्ड चेन सिस्टम के अंतर्गत पूरी सावधानी से संभाला गया। ताजा कृषि उत्पादों को रेफ्रिजरेटेड वाहनों से एयरपोर्ट तक लाया गया, जहां तापमान नियंत्रित गोदामों में सुरक्षित रखने के बाद सभी निर्यात प्रक्रियाएं पूरी कर विमान में लोड किया गया। इस आधुनिक व्यवस्था से उत्पादों की गुणवत्ता बरकरार रखने में मदद मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सुरक्षित एवं समय पर आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कार्गो सेवाओं की शुरुआत से न केवल नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की उपयोगिता बढ़ेगी, बल्कि महाराष्ट्र के निर्यात क्षेत्र को भी नई गति मिलेगी। इससे कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल्स और अन्य उद्योगों के लिए वैश्विक बाजार तक पहुंच आसान होगी। साथ ही पश्चिम भारत को एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय एयर कार्गो हब के रूप में विकसित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
