मुंबई। भारतीय सेना की प्रतिष्ठित तोपखाना रेजिमेंट (Regiment of Artillery) के द्विशताब्दी समारोह के तहत ‘समुद्र साहस’ सेलिंग अभियान का भव्य शुभारंभ मुंबई के मार्वे से किया गया। इस विशेष अभियान को Lieutenant General N. S. Sarna ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान न केवल सेना की साहसिक परंपरा को दर्शाता है, बल्कि महान योद्धा Chhatrapati Shivaji Maharaj की समृद्ध समुद्री विरासत को भी नमन करता है।
यह अभियान तोपखाना रेजिमेंट का पहला ‘ब्लू वॉटर’ सेलिंग मिशन है, जिसमें 21 फीट लंबे सीबर्ड क्लास नौकाओं के जरिए कोंकण तट के साथ 520 नॉटिकल मील की लंबी यात्रा तय की जाएगी। इस पूरे मिशन को चार चरणों में विभाजित किया गया है—मुंबई से विजयदुर्ग, विजयदुर्ग से गोवा, गोवा से फिर विजयदुर्ग और अंत में विजयदुर्ग से मुंबई वापसी।
समुद्र के बीच लगभग 7 नॉटिकल मील की दूरी पर नौकायन करते हुए यह टीम बदलती हवाओं और समुद्री परिस्थितियों का सामना कर रही है। कभी 2 से 4 नॉट्स की धीमी हवा तो कभी 10 से 15 नॉट्स की तेज गति, इस अभियान को और भी चुनौतीपूर्ण बना रही है। ऐसे हालात में टीम को उच्च स्तर की कौशल, समन्वय और धैर्य का प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
इस अभियान का नेतृत्व कैप्टन क्षितिज नायर और सूबेदार प्रकाश फुंडे कर रहे हैं, जबकि मेजर वर्धन शिध्ये के नेतृत्व में ग्राउंड सपोर्ट टीम पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रही है। अभियान से पहले सभी सदस्यों को मार्वे स्थित हेवी ब्रिज ट्रेनिंग सेंटर में विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। इस पूरे मिशन को Indian Navy और Indian Coast Guard का प्रशासनिक और ऑपरेशनल सहयोग प्राप्त है।
‘समुद्र साहस’ अभियान भारतीय सेना की सटीकता, टीमवर्क, अनुकूलन क्षमता और सहनशीलता जैसे मूल्यों का प्रतीक है। यह न केवल सैन्य कौशल को प्रदर्शित करता है, बल्कि युवाओं में साहस, नेतृत्व और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक प्रेरणादायक पहल है।
