मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ शुरू किए गए अभियान में अब फाइनेंस और प्लानिंग डिपार्टमेंट की मछली रंगे हाथों पकड़ी गई है। एंटी-करप्शन ब्यूरो ने सेल ऑफिसर विलास लाड को फंड मंजूर करने के लिए 6 लाख 37 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
मिली जानकारी के मुताबिक, विलास लाड ने रूरल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के फंड मंजूर करने के बदले संबंधित व्यक्ति से बड़ी रकम मांगी थी। ACB को शिकायत मिली थी कि सरकारी काम में रुकावट डालकर रिश्वत मांगी जा रही है। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए ACB ने जाल बिछाया।
ऑफिसर 6 लाख 37 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया
ACB टीम ने नवी मुंबई के खारघर इलाके में जाल बिछाया था। इस बार विलास लाड को ACB अधिकारियों ने 6 लाख 37 हज़ार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। मंत्रालय में काम के लिए खुलेआम रिश्वत लेने का यह दूसरा बड़ा मामला है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बार फिर पलटवार किया, भ्रष्ट अधिकारियों के होश उड़े
राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रालय में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। इस कार्रवाई से मंत्रालय के दूसरे भ्रष्ट अधिकारियों के होश उड़ गए हैं। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साफ संदेश दिया है कि प्रशासन में भ्रष्टाचार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल के ऑफिस में एक क्लर्क 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। ACB ने उसे मंत्रालय की तीसरी मंजिल से गिरफ्तार किया। मंत्रालय में मंत्री के केबिन में ACB के घुसकर यह कार्रवाई करने के बाद राज्य में हड़कंप मच गया। मंत्री के क्लर्क की गिरफ्तारी से महागठबंधन सरकार की बड़ी फजीहत हुई।
