नवी मुंबई। गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा विसर्जन स्थलों पर छोड़े गए निर्माल्य को कचरा बनने से रोकने और उसका पर्यावरणपूरक उपयोग करने की दिशा में नवी मुंबई महानगरपालिका तथा डॉ. श्री नानासाहेब धर्माधिकारी प्रतिष्ठान, रेवदंडा-अलिबाग की ओर से महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रतिष्ठान के श्रीसदस्यों ने शहर के छह प्रमुख विसर्जन स्थलों से कुल 5,204 किलो यानी 5.204 टन निर्माल्य एकत्रित किया है। इस निर्माल्य से प्राकृतिक तरीके से खाद तैयार की जा रही है, जिसका उपयोग भविष्य में शहर की हरियाली और उद्यानों के लिए किया जाएगा।
नवी मुंबई महानगरपालिका की ओर से गणेश विसर्जन स्थलों से गीले और सूखे निर्माल्य को अलग-अलग वाहनों के माध्यम से संकलित कर तुर्भे स्थित प्रक्रिया केंद्र तक पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही डॉ. श्री नानासाहेब धर्माधिकारी प्रतिष्ठान की ओर से छह विसर्जन स्थलों पर विशेष रूप से निर्माल्य संकलन और वर्गीकरण की व्यवस्था की गई थी।
इनमें दिवाले जेट्टी, बेलापुर गांव तालाब, नेरुल गांव तालाब, चिंचोली तालाब-शिरवणे-जुईनगर, कोपरखैरणे धारण तलाव सेक्टर-19, ऐरोली खाड़ी तलाव और रबाले तलाव शामिल हैं। यहां जमा किए गए निर्माल्य को गीले और सूखे हिस्सों में अलग किया गया। गीले निर्माल्य में मौजूद फूलों की पंखुड़ियों को विसर्जन स्थलों पर ही श्रीसदस्यों द्वारा अलग किया गया।
विसर्जन स्थल के पास तैयार किए गए कंपोस्ट पिट
निर्माल्य से खाद बनाने के लिए कोपरखैरणे धारण तलाव के पास स्थित उद्यान तथा ऐरोली खाड़ी तलाव के समीप उद्यान में कंपोस्ट पिट तैयार किए गए हैं। इन स्थानों पर जमा फूलों और अन्य जैविक निर्माल्य को प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक पद्धति से संसाधित कर खाद तैयार की जा रही है। तैयार होने वाली खाद का इस्तेमाल शहर के उद्यानों और वृक्षों के विकास के लिए किया जाएगा।
प्रतिष्ठान के अनुसार, यह प्रक्रिया निर्माल्य को सीधे कचरे में जाने से रोकती है और जैविक कचरे का पुनः उपयोग सुनिश्चित करती है। इससे एक ओर विसर्जन स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलती है, वहीं दूसरी ओर तैयार खाद के माध्यम से शहर की हरियाली को बढ़ावा दिया जा सकता है।
तीन चरणों में 5,204 किलो निर्माल्य संकलित
गणेशोत्सव के दौरान अलग-अलग विसर्जन दिनों में बड़ी मात्रा में निर्माल्य एकत्रित किया गया। डेढ़ दिन की गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान 1,485 किलो, गौरी-गणपति विसर्जन के दिन 2,335 किलो और अनंत चतुर्दशी के अंतिम विसर्जन दिवस पर 1,384 किलो निर्माल्य संकलित किया गया। इस तरह कुल 5,204 किलो निर्माल्य एकत्रित हुआ।
इस पूरे निर्माल्य को खाद में परिवर्तित करने का कार्य डॉ. श्री नानासाहेब धर्माधिकारी प्रतिष्ठान के माध्यम से किया जा रहा है। महाराष्ट्र भूषण पद्मश्री डॉ. श्री आप्पासाहेब धर्माधिकारी तथा डॉ. श्री सचिनदादा धर्माधिकारी के मार्गदर्शन में श्रीसदस्यों द्वारा संचालित यह उपक्रम पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महापौर सुजाता पाटील और महानगरपालिका आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने इस पर्यावरणपूरक पहल के लिए डॉ. श्री नानासाहेब धर्माधिकारी प्रतिष्ठान के सभी श्रीसदस्यों की सराहना की है। महानगरपालिका और सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से निर्माल्य का पुनर्चक्रण कर उसे खाद में बदलने की यह पहल शहर में स्वच्छता के साथ-साथ हरित क्षेत्र बढ़ाने में भी उपयोगी साबित हो सकती है।
