Breaking News

नवी मुंबई में बिजली संकट पर भड़के उपमहापौर दशरथ भगत, महावितरण को जनआंदोलन की चेतावनी

नवी मुंबई में बिजली संकट पर भड़के उपमहापौर दशरथ भगत, महावितरण को जनआंदोलन की चेतावनी

नवी मुंबई: शहर में लगातार हो रही बिजली कटौती, खराब व्यवस्था और नागरिकों की बढ़ती परेशानियों को लेकर नवी मुंबई के उपमहापौर दशरथ भगत ने महावितरण (MSEDCL) अधिकारियों को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि जनता समय पर बिजली बिल भर रही है, लेकिन बदले में घंटों अंधेरे में रहने को मजबूर है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो जनआंदोलन किया जाएगा।

वाशीगांव में हुई उच्चस्तरीय बैठक

बुधवार को वाशीगांव स्थित जनसंपर्क कार्यालय में नागरिकों की मौजूदगी में विशेष बैठक आयोजित की गई। इसमें महावितरण के वाशी मंडल अधीक्षक अभियंता दीपक पाटील सहित कई अधिकारी शामिल हुए। बैठक में नगरसेवक निशांत भगत, नगरसेविका प्रीति भगत और समाजसेवक संदीप भगत भी उपस्थित रहे।

दशरथ भगत ने अधिकारियों को लगाई फटकार

बैठक में उपमहापौर दशरथ भगत ने महावितरण के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विभाग की लापरवाही, शून्य नियोजन और असंवेदनशील रवैये के कारण शहर की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि जनता को भीख नहीं, बल्कि नियमित और सुरक्षित बिजली आपूर्ति चाहिए।

इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा परेशानी

बैठक में प्रभाग क्रमांक 18 के अंतर्गत वाशीगांव, गावियो परिसर, सानपाड़ा-पाम बीच, वाशी सेक्टर 30 और सेक्टर 17 में बार-बार बिजली गुल होने की समस्या प्रमुखता से उठाई गई। नागरिकों ने बताया कि कई बार 12 से 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रहती है।

गर्मी में नागरिक बेहाल

भीषण गर्मी के बीच लंबे समय तक बिजली कटौती से वरिष्ठ नागरिकों, मरीजों, इलाजरत लोगों और छोटे बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने कहा कि नियमित बिल भरने के बावजूद ऐसी स्थिति असहनीय है।

व्यापार और उद्योग पर असर

लगातार बिजली कटौती से व्यापारियों, उद्योगों और मेडिकल-पैरामेडिकल सेवाओं से जुड़े व्यवसायों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। दशरथ भगत ने मांग की कि ऐसे नुकसान का पंचनामा कर प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जाए।

अवैध खुदाई पर भी उठे सवाल

बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि भूमिगत बिजली केबल बदलने और जॉइंट कार्यों के नाम पर बिना अनुमति सड़कों, फुटपाथों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों की खुदाई की जा रही है, जिससे महापालिका को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।

मुख्य मांगें रखीं गईं

उपमहापौर ने मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत आधुनिक उपकरण लगाए जाएं, लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई हो, लंबे बिजली कटौती के बदले बिल में राहत दी जाए और व्यापारियों को नुकसान भरपाई दी जाए।

जनआंदोलन की चेतावनी

दशरथ भगत ने साफ कहा कि यदि बिजली व्यवस्था में तुरंत सुधार नहीं हुआ तो जनता के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी महावितरण प्रशासन की होगी।


Most Popular News of this Week

दारूखाना में झुग्गीवासियों...

मुंबई : दारूखाना स्थित मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MPA) की जमीन पर रह रहे सैकड़ों...

शासकीय जमिनीवरील घरांना...

नवी मुंबई। राज्यातील शासकीय जमिनीवर १ जानेवारी २०११ पूर्वी उभारण्यात...

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024...

मुंबई।महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो...

मुंबई में मेडिकल चमत्कार: 137...

मुंबई मुंबई के नेरुल स्थित एक अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक बेहद जटिल और...

खाकी की ताकत से विकास को...

मुंबई। महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था को विकास की सबसे बड़ी नींव बताते हुए...

महाराष्ट्र में सियासी घमासान:...

मुंबई।मुंबई में राजनीतिक बयानबाज़ी को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है।...