मुंबई।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव में मतदान आंकड़ों को लेकर उठ रहे संदेह और आरोपों के बीच अब परिशिष्ट-44 (Appendix-44) की प्रतियां सार्वजनिक करने की मांग जोर पकड़ रही है।
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव संदेश कोंडविलकर ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम से मुलाकात की और उन्हें एक औपचारिक पत्र सौंपा। इस पत्र में उन्होंने राज्य के सभी 288 विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत परिशिष्ट-44 की प्रतियां जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है।
कोंडविलकर ने कहा कि चुनाव में दर्ज किए गए मतदान प्रतिशत और बाद में जारी आधिकारिक आंकड़ों में अंतर दिखाई दे रहा है, जिससे जनता के मन में संदेह पैदा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि अन्य राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी इन आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं और चुनाव आयोग के समक्ष कई शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।
पत्र में आगे कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी है कि परिशिष्ट-44 जैसी महत्वपूर्ण दस्तावेज जनता और राजनीतिक दलों के लिए उपलब्ध कराए जाएं। कोंडविलकर ने यह भी कहा कि “मतदान में गड़बड़ी या ‘वोट चोरी’ का एक नया पैटर्न अपनाए जाने की जनभावना बन रही है, जिसे दूर करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि इन दस्तावेजों को सार्वजनिक नहीं किया गया, तो जनता का चुनावी प्रक्रिया से विश्वास कमजोर हो सकता है। इसलिए चुनाव आयोग को पारदर्शिता दिखाते हुए जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।
