मुंबई। महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था को विकास की सबसे बड़ी नींव बताते हुए उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने राज्य पुलिस को वैश्विक स्तर पर ले जाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था ही किसी भी राज्य की प्रगति की असली कुंजी होती है।
मुंबई के कलीना स्थित सशस्त्र पुलिस मुख्यालय में आयोजित 36वीं महाराष्ट्र राज्य पुलिस खेल प्रतियोगिता 2026 के उद्घाटन समारोह में शिंदे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, गृह राज्यमंत्री योगेश कदम, पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते और मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अपने संबोधन में शिंदे ने साफ कहा कि सरकार केवल आदेश देने वाली नहीं, बल्कि पुलिस के साथ खड़ी रहने वाली सरकार है। उन्होंने बताया कि पुलिस बल के लिए बेहतर आवास, आधुनिक पुलिस स्टेशन, अत्याधुनिक हथियार, नए वाहन और साइबर सुरक्षा के लिए उन्नत तकनीक उपलब्ध कराने पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा, “हम अक्सर पुलिस को खाकी वर्दी में देखते हैं, लेकिन आज उन्हें खेल के मैदान में देखना गर्व की बात है। यह प्रतियोगिता महाराष्ट्र का ‘महा ओलंपिक’ है, जहां पुलिस खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दुनिया को दिखा सकते हैं।”
खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए शिंदे ने कहा कि प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाला हर खिलाड़ी पहले से ही विजेता है। उन्होंने अपने खास अंदाज़ में कहा, “यह खेल का मैदान है, यहां पंच हैं लेकिन पंचनामा नहीं — यहां सिर्फ रिकॉर्ड बनेंगे।”
उन्होंने महाराष्ट्र पुलिस के खिलाड़ियों की देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में पुलिस खिलाड़ी ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर भी नजर आएंगे।
पुलिस के कठिन और तनावपूर्ण कार्यों का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि त्योहारों, आंदोलनों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान पुलिसकर्मियों को अपने परिवार से दूर रहना पड़ता है। ऐसे में खेल प्रतियोगिताएं उनके मानसिक तनाव को कम करने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं।
मुंबई को देश की ‘ग्रोथ इंजन’ बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां की मजबूत कानून-व्यवस्था ही आर्थिक प्रगति को गति देती है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में अपराध सुलझाने की दर बढ़ी है और करीब 90% मामलों का निपटारा 60 दिनों के भीतर किया जा रहा है, जिससे जनता का पुलिस पर भरोसा और मजबूत हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान कलीना के आधुनिक मैदान, पुलिस कॉलोनी और बेहतरीन सुविधाओं की सराहना करते हुए शिंदे ने आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस सिर्फ कानून के रक्षक ही नहीं, बल्कि खेल, संगीत, लेखन और कला के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रही है।
अपने संबोधन के अंत में शिंदे ने भावुक शब्दों में कहा, “खाकी वर्दी सेवा, त्याग और देशभक्ति का प्रतीक है।” उन्होंने सभी खिलाड़ियों को नए कीर्तिमान बनाने के लिए शुभकामनाएं दीं और इस प्रतियोगिता को ‘महाराष्ट्र पुलिस महा ओलंपिक’ का दर्जा दिया।
इस आयोजन के जरिए एक स्पष्ट संदेश दिया गया — मजबूत सरकार के समर्थन के साथ महाराष्ट्र पुलिस अब वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।
