सेंट्रल रेलवे की सेवाएं प्रभावित, हजारों यात्रियों को भारी परेशानी; सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं
मुंबई:
सप्ताह की शुरुआत मुंबईकरों के लिए भारी परेशानियों भरी रही। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सोमवार सुबह दो अलग-अलग घटनाओं ने लोकल ट्रेन सेवाओं और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। एक ओर डोंबिवली से कल्याण की ओर जा रही लोकल ट्रेन का एक कोच पटरी से उतर गया, वहीं दूसरी ओर पनवेल रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट गिरने की घटना सामने आई।
लोकल ट्रेन के पटरी से उतरने से सेवाएं ठप
सुबह ऑफिस टाइम के दौरान सेंट्रल रेलवे की डाउन स्लो लाइन पर बड़ा व्यवधान उत्पन्न हो गया, जब डोंबिवली से कल्याण जा रही एक धीमी लोकल ट्रेन का एक डिब्बा अचानक पटरी से उतर गया। इस घटना के बाद रेल यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और पीछे आने वाली कई लोकल ट्रेनें प्रभावित हुईं।
घटना के चलते ट्रैक पर ट्रेनों की लंबी कतार लग गई। कई ट्रेनें 10 से 15 मिनट की देरी से चलती रहीं, जिससे काम पर जाने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच कई यात्रियों को मजबूरी में ट्रैक पर उतरकर पैदल चलना पड़ा, जिससे हालात और कठिन हो गए।
पनवेल स्टेशन पर लिफ्ट गिरने से मचा हड़कंप
इसी बीच नवी मुंबई स्थित पनवेल रेलवे स्टेशन पर एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। यात्रियों से भरी एक लिफ्ट अचानक नीचे गिर गई, जिससे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लिफ्ट में चार यात्री फंसे हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचा और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
रेलवे व्यवस्था पर उठे सवाल
एक ही दिन में सामने आई इन दो घटनाओं ने सेंट्रल रेलवे की तकनीकी व्यवस्था और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर ट्रेन का पटरी से उतरना बड़ी दुर्घटना का संकेत देता है, वहीं लिफ्ट गिरने की घटना यात्रियों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ाती है।
यात्रियों में नाराजगी, सुधार की मांग तेज
लगातार हो रही तकनीकी खामियों और अव्यवस्था के कारण यात्रियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। रोजाना लाखों लोगों की जीवनरेखा मानी जाने वाली मुंबई लोकल से ऐसी घटनाएं भरोसे को कमजोर करती हैं। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
