मुंबई।
देशभर में गुटखा और पान मसाला उत्पादों के विज्ञापनों को लेकर लंबे समय से बहस जारी है। इसी बीच राजस्थान के बाड़मेर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक अहम मामले में बॉलीवुड के चर्चित सितारों और पान मसाला कंपनी के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद मनोरंजन जगत और विज्ञापन उद्योग में हलचल मच गई है।
मामला उस विज्ञापन अभियान से जुड़ा है जिसमें प्रसिद्ध फिल्मी हस्तियों द्वारा "केसर" के नाम पर उत्पादों का प्रचार किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन विज्ञापनों के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से गुटखा और पान मसाला उत्पादों को बढ़ावा दिया गया, जिससे उपभोक्ताओं को भ्रमित किया गया। याचिका में कहा गया है कि विज्ञापनों में दिखाई गई सामग्री और वास्तविक उत्पाद के बीच अंतर होने के कारण आम लोगों को गुमराह किया गया।
उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ता द्वारा दायर शिकायत पर सुनवाई करते हुए आयोग ने अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ समेत संबंधित पान मसाला कंपनी के अधिकारियों को कानूनी नोटिस जारी किया है। आयोग ने सभी पक्षों को 9 जुलाई को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि लोकप्रिय फिल्म सितारों की छवि का उपयोग कर ऐसे उत्पादों को आकर्षक बनाया गया, जिनके सेवन को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते रहे हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस तरह के विज्ञापन विशेष रूप से युवाओं और किशोरों को प्रभावित कर सकते हैं।
वहीं, इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कई लोगों ने सवाल उठाया है कि सार्वजनिक जीवन में प्रभाव रखने वाले सितारों को ऐसे उत्पादों के प्रचार से बचना चाहिए, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि कलाकार केवल ब्रांड एंबेसडर की भूमिका निभाते हैं और उत्पाद की जिम्मेदारी कंपनी की होती है।
अब सभी की निगाहें 9 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। इस मामले में आयोग का फैसला न केवल संबंधित पक्षों के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि भविष्य में तंबाकू और पान मसाला उत्पादों के विज्ञापनों को लेकर भी नई दिशा तय कर सकता है।
