नवी मुंबई : बकरी ईद से पूर्व नवी मुंबई के घणसोली क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब सोमवार को घणसोली दरगाह के पास स्थित पुल के नीचे चार गौ माता को संदिग्ध परिस्थितियों में रखे जाने की सूचना बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को मिली। सूचना मिलते ही बजरंग दल के गौ रक्षक तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुल के नीचे चार गौ माता को बांधकर रखा गया था, जिससे स्थानीय नागरिकों में भी चिंता और आक्रोश का माहौल बन गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर मौजूद जावेद नामक व्यक्ति से पशुओं के संबंध में पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उससे गौवंश के स्वामित्व, परिवहन और रखरखाव से जुड़े आवश्यक दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज या महानगरपालिका का आवश्यक पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर सका।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि गौ माता को बकरी ईद के अवसर पर बिक्री और कथित रूप से कत्तल के उद्देश्य से यहां लाया गया था। हालांकि पुलिस और प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कदम उठाए गए।
स्थिति को संवेदनशील देखते हुए स्थानीय प्रशासन और महानगरपालिका को सूचना दी गई। इसके बाद सभी चार गौ माता को सुरक्षित रूप से वहां से हटाकर महानगरपालिका के कोंडवाड़े (पशु आश्रय केंद्र) में भेज दिया गया, जहां उनकी देखभाल की जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील की है।
बजरंग दल के पदाधिकारियों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि गौ तस्करी और अवैध पशु व्यापार पर प्रशासन को कड़ी निगरानी रखनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दस्तावेजों की सत्यता, पशुओं को लाने के उद्देश्य तथा संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
