पाली (राजस्थान)। जिले के बीजापुर क्षेत्र के भन्दर गांव से सच्ची दोस्ती की एक बेहद भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। जीवनभर साथ निभाने वाले दो जिगरी दोस्तों ने मौत के बाद भी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा।
जानकारी के अनुसार, भन्दर गांव निवासी धनराज त्रिवेदी (68) और देवराज दवे (74) की मित्रता पूरे इलाके में मिसाल मानी जाती थी। दोनों ने बचपन से लेकर युवावस्था तक साथ-साथ जीवन के हर पड़ाव को जिया। उन्होंने एक ही विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और बाद में रोजगार की तलाश में साथ ही मुंबई का रुख किया। वहां दोनों ने लंबे समय तक साथ रहकर व्यापार किया और हर सुख-दुख में एक-दूसरे का सहारा बने रहे।
कोरोना काल के बाद दोनों अपने पैतृक गांव भन्दर लौट आए थे। गांव में भी उनके घर पास-पास ही स्थित थे और दोनों परिवारों के बीच गहरा आत्मीय संबंध था।
बताया जा रहा है कि हाल ही में देवराज दवे का निधन हो गया। अपने जिगरी दोस्त के निधन की खबर सुनकर धनराज त्रिवेदी गहरे सदमे में आ गए। इस दुख को वह सहन नहीं कर पाए और महज 12 घंटे के भीतर उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों दोस्तों की मित्रता आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बनी रहेगी। अंतिम संस्कार के दौरान पूरे गांव में गमगीन माहौल रहा और लोगों की आंखें नम हो गईं।
