नवी मुंबई।
नाशिक में सामने आए कथित ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने राज्य सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन के प्रांत मंत्री मोहन साळेकर ने कहा कि हाल ही में लागू किए गए धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
सीबीडी बेलापुर स्थित कोकण भवन परिसर में इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान साळेकर ने कहा कि नाशिक की घटना बेहद गंभीर है और इससे जुड़े सभी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और संस्थानों का गहन ऑडिट किया जाना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ देशविरोधी ताकतें कॉर्पोरेट सेक्टर के माध्यम से सक्रिय हो सकती हैं, जिनकी जांच जरूरी है।
उन्होंने आगे कहा कि देश में पहले ‘लव जिहाद’ और ‘भूमि जिहाद’ जैसे मामलों की चर्चा होती रही है, लेकिन अब कॉर्पोरेट संस्थानों के जरिए भी ऐसी गतिविधियां सामने आ रही हैं। साळेकर ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी गंभीर घटनाएं सामने आने के बावजूद समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अभी भी स्थिति को नहीं संभाला गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री स्वरूप पाटील, शंकर संगपाळ, अजय मुडपे, शितल निकम, सुरेश राणा सहित कई पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।
शितल निकम ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से लव जिहाद, जमीनों पर अतिक्रमण, खाद्य पदार्थों में मिलावट, और कमजोर वर्गों की महिलाओं के शोषण जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जो चिंता का विषय हैं। उन्होंने बताया कि दुर्गा वाहिनी के माध्यम से इन मुद्दों पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
वहीं, सुरेश राणा ने अपने संबोधन में कहा कि अब केवल विरोध प्रदर्शन से काम नहीं चलेगा, बल्कि “कड़ी भाषा में जवाब देने” की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर नवी मुंबई में ऐसी कोई घटना होती है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
