ठाणे। आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने ठाणे जिले में अवैध रूप से संचालित पैकेज्ड पेयजल इकाइयों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में कासारवडवली क्षेत्र में बिना वैध FSSAI लाइसेंस के संचालित एक पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर यूनिट पर छापेमारी कर परिसर को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध खाद्य एवं पेयजल कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने ओवला गांव स्थित बामनली पाड़ा क्षेत्र में ब्लू रूफ होटल के पीछे संचालित एम/एस लाइफस्प्रिंग (M/s Lifespring) नामक प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों को बड़ी मात्रा में पैकेज्ड पेयजल का भंडारण और वितरण कार्य होता हुआ मिला।
निरीक्षण के समय प्रतिष्ठान में 85 पानी के जार, जिनमें कुल 1704 लीटर शुद्ध पेयजल मौजूद था, पाया गया। जब्त किए गए पानी की अनुमानित बाजार कीमत 5,112 रुपये आंकी गई है। अधिकारियों ने जब यूनिट संचालकों से आवश्यक दस्तावेज और लाइसेंस प्रस्तुत करने को कहा तो वे वैध FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके।
जांच में यह स्पष्ट होने के बाद कि प्रतिष्ठान बिना खाद्य सुरक्षा मानकों की अनुमति के संचालित किया जा रहा है, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 26 एवं 27 के तहत तत्काल कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने परिसर को सील करते हुए उत्पादन और वितरण गतिविधियों पर रोक लगा दी।
FDA अधिकारियों के अनुसार, बिना लाइसेंस संचालित पैकेज्ड पानी इकाइयां उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। ऐसे प्रतिष्ठानों में पानी की गुणवत्ता, शुद्धता और स्वच्छता संबंधी मानकों का पालन नहीं होने की आशंका रहती है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
यह संयुक्त कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी एम.एच. धवले, श्रीमती एम.एस. नगरगोजे और आर.डी. अक्रुपे द्वारा की गई। पूरी कार्रवाई सहायक आयुक्त (खाद्य) पी.एस. नलावडे के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त और प्रमाणित कंपनियों का पैकेज्ड पेयजल ही खरीदें तथा किसी भी संदिग्ध खाद्य या पेयजल इकाई की जानकारी प्रशासन को दें।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की इस कार्रवाई को उपभोक्ताओं की सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए अवैध कारोबार पर लगातार निगरानी रखने की मांग की है।
