नवी मुंबई: तुर्भे स्टोर क्षेत्र में झोपड़ा धारकों के जमीन के मालिकाना हक को लेकर आंदोलन तेज होता नजर आ रहा है। सोमवार को भाजपा की ओर से नागरिकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय समस्याओं और अधिकारों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में नगरसेवक अमित मेढ़कर, नगरसेवक शशिकांत भोईर, पूर्व नगरसेवक राजेश शिंदे, राजेंद्र इंगले, कमलेश वर्मा सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
नगरसेवक अमित मेढ़कर ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक के दौरान MIDC द्वारा 24 मार्च 2026 को जारी किए गए टेंडर पर गंभीर आपत्ति जताई गई। इस टेंडर में नागरिकों को केवल 300 स्क्वेयर फीट के घर देने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसे अन्यायपूर्ण करार दिया गया।
उन्होंने बताया कि चुनाव के समय नागरिकों के सामने स्पष्ट रूप से यह मांग रखी गई थी कि उन्हें 500–600 स्क्वेयर फीट के घर नहीं, बल्कि जमीन का मालिकाना हक मिलना चाहिए। इस मांग को गणेश नाईक के माध्यम से प्रमुखता से आगे बढ़ाया गया।
ऐरोली में आयोजित एक बड़ी सभा में गणेश नाईक ने यह मुद्दा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष उठाया। इसके सकारात्मक परिणामस्वरूप 25 मार्च 2026 को राज्य सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण शासन निर्णय (GR) जारी किया गया, जिसमें 500 स्क्वेयर फीट के घर के साथ जमीन का मालिकाना हक देने का निर्णय लिया गया। इसे नागरिकों के संघर्ष की बड़ी जीत बताया गया।
हालांकि, इससे पहले 24 मार्च 2026 को MIDC द्वारा जारी किया गया टेंडर इस निर्णय के विपरीत होने के कारण, इस पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। इस संबंध में गणेश नाईक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर टेंडर को रद्द या स्थगित करने की मांग की है।
बैठक में यह भी बताया गया कि आगामी कैबिनेट बैठक में इस विषय को उठाया जाएगा। साथ ही नागरिकों को शासन के GR और MIDC के टेंडर की पूरी जानकारी दी गई।
अंत में नागरिकों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया गया और विश्वास जताया गया कि जमीन के मालिकाना हक की यह लड़ाई निश्चित रूप से जीती जाएगी।
