पनवेल :
नवी मुंबई के पनवेल और तलोझा क्षेत्र में पिछले 48 घंटों के भीतर हुए तीन अलग-अलग सड़क हादसों ने इलाके में सनसनी फैला दी है। तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के कारण तीन निर्दोष लोगों की जान चली गई, जबकि दो मामलों में दुर्घटना के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गए। पुलिस ने सभी मामलों में जांच शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पहली घटना – तलोझा औद्योगिक क्षेत्र में हिट एंड रन
पहली घटना 16 मार्च की मध्यरात्रि को तलोझा औद्योगिक वसाहत के कटरजोन इलाके में हुई। ‘सुनील फोर्जिंग एंड स्टील इंडस्ट्रीज’ के सामने सड़क पर 40 वर्षीय अलीम अचिरुद्दीन गाजी को एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद चालक बिना रुके मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
दूसरी घटना – पनवेल में बाइक सवार की मौत
दूसरी दुर्घटना पनवेल शहर के मुख्य मार्ग पर हुई, जहां एक तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक सवार सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन चालक ने रुकने की बजाय मौके से भागने का प्रयास किया। घायल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
तीसरी घटना – लापरवाही ने ली एक और जान
तीसरा हादसा तलोझा क्षेत्र के ही एक अन्य व्यस्त मार्ग पर हुआ, जहां एक पैदल राहगीर को तेज रफ्तार वाहन ने कुचल दिया। इस घटना में भी चालक मौके से फरार हो गया। राहगीर की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच जारी
तीनों मामलों में संबंधित पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और फरार आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों में रोष, सुरक्षा की मांग तेज
लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं से स्थानीय नागरिकों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण, स्पीड ब्रेकर, सिग्नल और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाने की जरूरत है। नागरिकों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सड़क सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इन हादसों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि लापरवाह ड्राइविंग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे आगे भी जारी रह सकते हैं।
