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GMLR प्रोजेक्ट प्रभावितों को कांजूर पश्चिम में मिलेंगे आधुनिक 300 स्क्वायर फुट के फ्लैट, 906 घरों का निर्माण अंतिम चरण में

GMLR प्रोजेक्ट प्रभावितों को कांजूर पश्चिम में मिलेंगे आधुनिक 300 स्क्वायर फुट के फ्लैट, 906 घरों का निर्माण अंतिम चरण में

मुंबई:

मुंबई में बहुप्रतीक्षित गोरेगांव–मुलुंड लिंक रोड (GMLR) परियोजना के कारण प्रभावित होने वाले नागरिकों के पुनर्वास के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा कांजूर (पश्चिम) में आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय परियोजना विकसित की जा रही है। इस परियोजना के तहत 300 वर्ग फुट क्षेत्रफल वाले कुल 906 फ्लैट बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 252 प्रोजेक्ट प्रभावित परिवारों का पुनर्वास पहले चरण में किया जाएगा।

इस परियोजना का निरीक्षण करते हुए अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (प्रकल्प) अभिजीत बांगर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए और प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द घर सौंपे जाएं।

7 इमारतों में बन रहे 906 फ्लैट

बीएमसी के “बृहन्मुंबई प्रकल्पबाधित गृहनिर्माण प्रकल्प” के अंतर्गत कांजूर पश्चिम में करीब 10,050 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में यह आवासीय परियोजना विकसित की जा रही है। यहां ग्राउंड + 23 मंजिल की 7 इमारतों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें कुल 906 आवासीय सदनिका (फ्लैट) बनाए जा रहे हैं।

प्रत्येक फ्लैट का क्षेत्रफल 300 वर्ग फुट होगा, जिसमें बैठक कक्ष, शयनकक्ष (अटैच शौचालय), रसोईघर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही परियोजना परिसर में नागरिकों के लिए कई सार्वजनिक सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है।

परिसर में मिलेंगी ये सुविधाएं

इस आवासीय परिसर को केवल पुनर्वास कॉलोनी के रूप में नहीं बल्कि एक सुव्यवस्थित रहवासी क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां बाजार, सामुदायिक सभागार, वाचनालय (लाइब्रेरी), स्वास्थ्य केंद्र, आंतरिक सड़कें, खुली जगह और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

निरीक्षण के दौरान अभिजीत बांगर ने फ्लैटों की आंतरिक संरचना, पानी और बिजली की व्यवस्था, लिफ्ट, सीढ़ियां, शौचालय, अग्नि सुरक्षा उपायों सहित निर्माण गुणवत्ता का भी बारीकी से जायजा लिया और निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

मार्च 2026 तक पहले चरण का पुनर्वास

बीएमसी अधिकारियों के अनुसार परियोजना की दो इमारतों का निर्माण अंतिम चरण में है और मार्च 2026 के अंत तक कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद पहले चरण में 252 प्रकल्प प्रभावित परिवारों का पुनर्वास किया जाएगा।

बाकी पांच इमारतों का निर्माण भी तेजी से जारी है, जिन्हें अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि शेष परिवारों को भी जल्द घर उपलब्ध कराया जा सके।

जून 2026 से शुरू होगा सुरंग निर्माण

अभिजीत बांगर ने बताया कि GMLR परियोजना के तीसरे चरण के तहत जून 2026 से टनल बोरिंग मशीन (TBM) के जरिए भूमिगत सुरंगों की खुदाई शुरू की जाएगी। इससे पहले अमर नगर में लॉन्चिंग शाफ्ट का काम शुरू किया जाएगा, जिसके लिए जमीन की आवश्यकता है।

इसी कारण अमर नगर क्षेत्र के प्रकल्प प्रभावित परिवारों को कांजूर पश्चिम में विकसित इस नई आवासीय परियोजना में बसाया जाएगा। बीएमसी का उद्देश्य है कि प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराया जाए।

समयसीमा में पूरा करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान अभिजीत बांगर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखते हुए सभी इमारतों का निर्माण तय समयसीमा में पूरा किया जाए। साथ ही पुनर्वासित होने वाले नागरिकों के लिए आवश्यक सभी बुनियादी सुविधाएं भी समय पर उपलब्ध कराई जाएं।


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