Breaking News

पहली बारिश ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें: एपीएमसी में सड़ रहीं सब्जियां, दाम आधे हुए, करोड़ों का नुकसान

पहली बारिश ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें: एपीएमसी में सड़ रहीं सब्जियां, दाम आधे हुए, करोड़ों का नुकसान

नवी मुंबई। मानसून की पहली तेज बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए यह बारिश मुसीबत बनकर सामने आई है। राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी मात्रा में सब्जियां लेकर पहुंचे किसानों को नवी मुंबई स्थित एपीएमसी (कृषि उपज मंडी समिति) में खरीदार नहीं मिल रहे हैं। नतीजतन, मंडी में टमाटर, भिंडी, बैंगन, फूलगोभी समेत कई सब्जियां बिना बिके पड़ी हैं और धीरे-धीरे खराब होने लगी हैं।

वाशी एपीएमसी मंडी में इन दिनों हर तरफ सब्जियों के ढेर दिखाई दे रहे हैं। बारिश के कारण खुदरा बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम हो गई है, जबकि होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों की खरीदारी भी प्रभावित हुई है। इससे मंडी में सब्जियों की मांग अचानक घट गई और किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

सब्जियों के दामों में भारी गिरावट

मंडी में बढ़ती आवक और कम मांग के कारण कई प्रमुख सब्जियों के दाम 50 प्रतिशत से अधिक तक गिर गए हैं।

???? टमाटर – 36 रुपये प्रति किलो से घटकर 20-25 रुपये प्रति किलो

???? फूलगोभी – 25-30 रुपये से घटकर 12-15 रुपये प्रति किलो

???? भिंडी – 40-46 रुपये से घटकर 20-22 रुपये प्रति किलो

???? बैंगन – 15-18 रुपये से घटकर 8-10 रुपये प्रति किलो

इसके अलावा लौकी, मिर्च, खीरा और अन्य हरी सब्जियों के दामों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

सब्जियां सड़ने लगीं, बढ़ी किसानों की चिंता

कई किसानों का कहना है कि वे रातभर सफर करके अपनी उपज मंडी तक लाते हैं, लेकिन उचित कीमत नहीं मिलने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बारिश और नमी के कारण ताजी सब्जियां ज्यादा देर तक सुरक्षित नहीं रह पा रही हैं और कई जगहों पर सब्जियां सड़ने लगी हैं।

किसानों का कहना है कि बीज, खाद, कीटनाशक, मजदूरी और परिवहन की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यदि उपज की सही कीमत नहीं मिलेगी तो खेती करना घाटे का सौदा बन जाएगा।

व्यापारियों ने बताई मांग घटने की वजह

व्यापारियों के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण शहरों में लोगों की आवाजाही कम हो गई है। होटल और रेस्टोरेंट की मांग घटने के साथ-साथ खुदरा बाजारों में भी खरीदारी प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर एपीएमसी मंडी पर दिखाई दे रहा है।

बढ़ सकता है संकट

मंडी के जानकारों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रही और मांग में सुधार नहीं हुआ, तो किसानों को और अधिक आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। कई किसानों को अपनी उपज लागत से भी कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है।

पहली बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मंडी में बढ़ती आवक और घटती मांग ने एक बार फिर कृषि क्षेत्र की चुनौतियों को उजागर कर दिया है। किसान अब सरकार से राहत और बाजार में स्थिरता लाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।



Most Popular News of this Week

नवी मुंबईत ‘कोयता गँग’ची...

19 वर्षीय तरुणाची डोक्यात वार करून निर्घृण हत्या; आरोपी फरारशीतल वाघमारेनवी...

नशे के कारोबार पर नवी मुंबई...

4 महिला तस्करों पर 22 केस, एक पर MCOCA; दो जेल में, एक महाराष्ट्र से बाहर!नवी मुंबई:...

नवी मुंबई में इस बार गूंजेगा...

नवी मुंबई। गणेशोत्सव को पर्यावरणपूरक, प्लास्टिकमुक्त और प्रदूषणमुक्त...

कलवा के नए ब्रिज पर रफ्तार का...

ठाणे। कलवा इलाके में गोडबंदर रोड से ठाणे-बेलापुर रोड की ओर जाने वाले नए कलवा...

तुर्भे MIDC में FDA की छापेमारी, 75.21...

‘साधना एंटरप्राइज’ का लाइसेंस रद्द; खाद्य उत्पादों की री-पैकिंग और लेबल में...