मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल मचाते हुए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख Raj Thackeray ने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और आगामी 2029 लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा किया है। राज ठाकरे ने कहा कि देश की राजनीति में अभी से 2029 की रणनीति तैयार की जा रही है और इसी के तहत उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों को सीधे भाजपा में शामिल कराने के बजाय Eknath Shinde के नेतृत्व वाली शिवसेना में भेजा गया है।
मुंबई में आयोजित मनसे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि यदि केंद्र में भाजपा की सरकार है और पार्टी इतनी मजबूत है, तो फिर ये सांसद सीधे भाजपा में शामिल क्यों नहीं हुए। उन्होंने दावा किया कि इसके पीछे एक बड़ी राजनीतिक रणनीति काम कर रही है, जिसका उद्देश्य 2029 में अमित शाह को प्रधानमंत्री पद तक पहुंचाना है।
'ऑपरेशन टाइगर' पर साधा निशाना
मनसे प्रमुख ने 'ऑपरेशन टाइगर' का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि यह पूरा अभियान अमित शाह की मंजूरी के बाद शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय जाधव, संजय देशमुख, संजय दिना पाटिल, भाऊसाहेब वाकचौरे, ओमराजे निंबाळकर और नागेश आष्टीकर पाटिल को शिंदे गुट में शामिल किया गया।
राज ठाकरे ने दावा किया कि महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले समय में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं और कई नेताओं के राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
भाजपा में अंदरूनी असंतोष का दावा
अपने भाषण में राज ठाकरे ने यह भी कहा कि भाजपा के भीतर इस समय अंदरूनी असंतोष मौजूद है, लेकिन प्रधानमंत्री Narendra Modi की मौजूदगी के कारण वह फिलहाल खुलकर सामने नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में केंद्र और राज्यों की राजनीति में कई बड़े राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।
उन्होंने मनसे कार्यकर्ताओं से अभी से संगठन को मजबूत करने और 2029 के चुनावों की तैयारी शुरू करने का आह्वान किया।
जनगणना और मतदाता सूची पर नजर रखने की अपील
राज ठाकरे ने कार्यकर्ताओं से आगामी जनगणना और मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर विशेष नजर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने दोहरी मतदाता प्रविष्टियों और दूसरे राज्यों के मतदाताओं के नाम शामिल किए जाने को लेकर भी चिंता जताई। राज ठाकरे ने कहा कि मनसे इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए अपनी अलग व्यवस्था तैयार करेगी और पार्टी कार्यकर्ताओं को हर स्तर पर सतर्क रहना होगा।
राज ठाकरे के इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, उनके इन दावों पर भाजपा और शिंदे गुट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
