मुंबई| महिंद्रा समूह के अंतर्गत आने वाले महिंद्रा फार्म इक्विपमेंट बिजनेस (एफईबी) ने 70 लाख कृषि ट्रैक्टरों के उत्पादन का ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल कर लिया है। मात्रा के आधार पर दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी महिंद्रा के लिए यह उपलब्धि कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और भारत सहित दुनिया भर के लाखों किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारत में मजबूत विनिर्माण नेटवर्क और वैश्विक स्तर पर व्यापक उपस्थिति के बल पर महिंद्रा एफईबी अपने उत्पादों का विकास और विपणन महिंद्रा ट्रैक्टर्स तथा स्वराज ट्रैक्टर्स ब्रांडों के तहत करता है। इसके अलावा, कंपनी ग्रोमैक्स के माध्यम से ट्रैकस्टार और हिंदुस्तान ट्रैक्टर श्रृंखला का भी निर्माण करती है। कंपनी के पास उद्योग के सबसे व्यापक ट्रैक्टर पोर्टफोलियो में से एक है, जिसमें 350 से अधिक मॉडल और वैरिएंट शामिल हैं। इसके साथ ही ट्रैक्टर संचालित और स्व-चालित कृषि मशीनरी की बढ़ती श्रृंखला भी उपलब्ध है।
वर्ष 1963 में स्थापित महिंद्रा ट्रैक्टर्स भारत का नंबर-1 ट्रैक्टर ब्रांड है, जिसके विनिर्माण संयंत्र मुंबई, नागपुर, ज़हीराबाद, रुद्रपुर, जयपुर और राजकोट में स्थित हैं, जबकि अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र चेन्नई स्थित एमआरवी में है।
पूर्व में पंजाब ट्रैक्टर्स लिमिटेड के नाम से जानी जाने वाली स्वराज ट्रैक्टर्स भारत का दूसरा सबसे बड़ा ट्रैक्टर ब्रांड है। पिछले एक दशक में निरंतर बिक्री वृद्धि और किसानों के साथ मजबूत जुड़ाव के कारण यह देश के सबसे तेजी से बढ़ते ट्रैक्टर ब्रांडों में शामिल हो गया है। वर्ष 1974 में देश का पहला स्वदेशी ट्रैक्टर विकसित करने का श्रेय भी स्वराज को जाता है। मोहाली स्थित इसके विनिर्माण संयंत्र, फाउंड्री और अनुसंधान केंद्र इसकी प्रमुख ताकत हैं।
ग्रोमैक्स एग्री इक्विपमेंट लिमिटेड, महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड और गुजरात सरकार के बीच 60:40 के संयुक्त उपक्रम के रूप में संचालित होती है। वडोदरा स्थित यह कंपनी भारत का नंबर-1 क्षेत्रीय ट्रैक्टर ब्रांड है।
यह उपलब्धि महिंद्रा एफईबी की उत्पाद नवाचार और विश्वस्तरीय विनिर्माण क्षमता को भी दर्शाती है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 5.26 लाख से अधिक ट्रैक्टरों की रिकॉर्ड बिक्री की। इसी दौरान महिंद्रा 585 YUVO TECH+ V1, महिंद्रा NOVO प्रीमियम एडिशन और स्वराज प्रोटेक जैसे नए उत्पाद लॉन्च किए गए, जबकि महिंद्रा ओजेए का विस्तार वैश्विक बाजारों में किया गया। वित्त वर्ष 2026-27 में कंपनी 7 नए ट्रैक्टर और 12 नई तकनीकी सुविधाएं पेश करने की योजना बना रही है।
इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए राजेश जेजुरिकर, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं सीईओ, ऑटो एवं फार्म इक्विपमेंट बिजनेस (एएफएस), एमएंडएम लिमिटेड ने कहा, “जैसे-जैसे भारत विकसित भारत के अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है, कृषि क्षेत्र का परिवर्तन राष्ट्र निर्माण का प्रमुख आधार बना रहेगा। महिंद्रा को इस यात्रा में योगदान देने पर गर्व है। हमारे ट्रैक्टर ग्रामीण समुदायों को सशक्त बना रहे हैं और देश के दीर्घकालिक विकास में सहयोग कर रहे हैं। 70 लाख ट्रैक्टरों का यह आंकड़ा हम सभी के लिए गर्व का क्षण है और हम भविष्य के लिए निरंतर निर्माण करते रहेंगे।”
वहीं विजय नाकरा, प्रेसिडेंट, फार्म इक्विपमेंट बिजनेस, एमएंडएम लिमिटेड ने कहा, “70 लाख ट्रैक्टरों का यह मील का पत्थर केवल उत्पादन का आंकड़ा नहीं, बल्कि किसानों द्वारा हमारी ब्रांडों पर जताए गए विश्वास का प्रतीक है। दशकों से हम किसानों को भरोसेमंद, मजबूत और उत्पादकता बढ़ाने वाले ट्रैक्टर उपलब्ध कराते आए हैं। यह उपलब्धि किसानों के जीवन को बेहतर बनाने और तकनीक को अधिक सुलभ
