मुंबई : दक्षिण मुंबई के पायधुनी इलाके में पिछले महीने एक ही परिवार के चार लोगों की रहस्यमयी मौत के मामले में अब जांच ने नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस तरबूज को शुरुआती दौर में मौत की वजह माना जा रहा था, अब वह संदेह के दायरे से लगभग बाहर होता दिखाई दे रहा है। फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट में मृतकों के शरीर में जहरीले रसायन जिंक फॉस्फाइड की पुष्टि होने के बाद पूरे मामले ने सनसनी फैला दी है।
जानकारी के मुताबिक घटना वाले दिन परिवार के सदस्यों ने पहले एक बिरयानी पार्टी में हिस्सा लिया था। पार्टी में खाना खाने के कई घंटे बाद देर रात सभी ने घर में रखा तरबूज खाया। तरबूज खाने के कुछ समय बाद परिवार के सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उल्टी, बेचैनी और घबराहट की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी। इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में डर और अफवाहों का माहौल बन गया था और लोगों ने तरबूज खाने से भी परहेज शुरू कर दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजे थे। अब सामने आई रिपोर्ट में मृतकों के शरीर में जिंक फॉस्फाइड मिलने की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार जिंक फॉस्फाइड एक अत्यंत जहरीला रसायन है, जिसका उपयोग आमतौर पर चूहे मारने की दवा और कीटनाशकों में किया जाता है। यह शरीर में पहुंचते ही तेजी से असर करता है और अधिक मात्रा में सेवन होने पर जानलेवा साबित हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक जांच में बिरयानी के नमूनों में जिंक फॉस्फाइड के अंश नहीं मिले हैं। यही नहीं, पुलिस को घर से भी चूहे मारने की दवा, कीटनाशक या उससे संबंधित कोई पैकेट अथवा डिब्बा बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर यह जहरीला पदार्थ परिवार के शरीर तक पहुंचा कैसे?
जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या जिंक फॉस्फाइड किसी खाद्य पदार्थ में मिलाया गया था या फिर यह किसी अन्य माध्यम से शरीर में पहुंचा। तरबूज को लेकर भी जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या तरबूज के जरिए जहर पहुंचाया गया था, और अगर ऐसा हुआ तो इसके पीछे कौन था तथा उसका मकसद क्या था।
मुंबई पुलिस ने इस मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए कई एंगल से जांच शुरू कर दी है। परिवार के करीबी लोगों, पार्टी में मौजूद लोगों और खाद्य सामग्री के स्रोत की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी सबूतों को भी खंगाल रही है ताकि इस रहस्यमयी मौत कांड की असली वजह सामने लाई जा सके।
इस खुलासे के बाद पायधुनी इलाके में फिर से चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। लोग अब यह जानना चाहते हैं कि आखिर एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के पीछे हादसा था, लापरवाही थी या फिर कोई गहरी साजिश। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगी।
