डायघर थाने में सामूहिक शिकायत
धोखाधड़ी, झूठे वादे, मानसिक उत्पीड़न और बुनियादी सुविधाएं न देने का आरोप
ठाणे।शिलफाटा स्थित पैरामाउंट सोसायटी के फ्लैट मालिकों ने मेट्रो बिल्डर और उसके अधिकृत प्रतिनिधियों के खिलाफ डायघर पुलिस स्टेशन में सामूहिक रूप से लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बिल्डर ने फ्लैट की पूरी कीमत और दो वर्ष का मेंटेनेंस शुल्क अग्रिम रूप से लेने के बावजूद अब तक कई बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराईं और लगातार झूठे आश्वासन देकर फ्लैट मालिकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
शिकायत के अनुसार पिछले एक वर्ष से अधिक समय से मेट्रो बिल्डर द्वारा कई बैठकें आयोजित की गईं, मीटिंग के मिनट्स जारी किए गए तथा ई-मेल और व्हाट्सएप के माध्यम से बार-बार आश्वासन दिए गए, लेकिन किसी भी वादे को समय पर पूरा नहीं किया गया। फ्लैट मालिकों का कहना है कि उन्होंने 100 से अधिक ई-मेल भेजे, फिर भी बिल्डर और प्रमोटर ने कई बार सोसायटी आने का वादा करने के बावजूद आज तक दौरा नहीं किया।रहवासियों का आरोप है कि अब तक स्थायी TMC जलापूर्ति शुरू नहीं की गई है और मेंटेनेंस शुल्क लेने के बावजूद उन्हें टैंकर के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इसके अलावा जिम, पोडियम, कम्युनिटी हॉल, वीडियो डोर फोन, जियो ऑटोमेशन सिस्टम, MGL गैस कनेक्शन, ईवी चार्जिंग, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य कई सुविधाएं अब भी अधूरी हैं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि लिफ्ट बार-बार खराब हो जाती है, इमरजेंसी इंटरकॉम काम नहीं करता, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के लिफ्ट में फंसने की घटनाएं हो चुकी हैं। अग्नि सुरक्षा से जुड़े कार्य, परिसर से निर्माण मलबा हटाने, हाउसकीपिंग और साफ-सफाई जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य भी अधूरे पड़े हैं।
फ्लैट मालिकों का आरोप है कि समस्याओं के समाधान की मांग करने पर बिल्डर ने बातचीत करने के बजाय पुलिस बुलाकर दबाव बनाने की कोशिश की और कुछ रहवासियों को धमकियां भी दी गईं।फ्लैट मालिकों ने डायघर पुलिस से बिल्डर और संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात तथा अन्य लागू कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।इस संदर्भ में मेट्रो बिल्डर से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन कोई जवाब नहीं मिल पाया है।
