भदोही रेप केस में पुलिस पर गंभीर सवाल
भदोही पुलिस पर पीड़िता के परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
भदोही | स्वतंत्र भारत डिजिटल नेटवर्क
उत्तर प्रदेश के भदोही से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसे पड़ोस के एक घर में बंधक बनाकर रातभर दुष्कर्म किया गया। लेकिन पीड़िता के परिजनों का दावा है कि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की और पूरे मामले में लापरवाही बरती।
परिजनों के अनुसार, घटना 17-18 जून की रात की है। दरोपुर मोहल्ले से नाबालिग लड़की के लापता होने के बाद परिवार ने धौरहरा चौकी पहुंचकर मदद की गुहार लगाई, लेकिन तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि करीब 22 घंटे बाद पुलिस ने उसी घर से लड़की को बरामद किया, जिस पर परिजनों ने पहले ही शक जताया था।
परिवार का आरोप है कि लड़की की बरामदगी के बावजूद आरोपियों को उसी समय गिरफ्तार नहीं किया गया। उल्टा, आरोपी पक्ष ने पीड़िता के घर पर हमला और पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने पहले पीड़ित पक्ष पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया और बाद में आरोपी पक्ष पर भी केस दर्ज किया।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि अपहरण, बंधक बनाने और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों के बावजूद शुरुआत में केवल गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया। परिजनों का कहना है कि उच्च अधिकारियों, बाल कल्याण समिति (CWC) और अन्य स्तरों पर लगातार शिकायत करने के बाद ही पुलिस ने उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज की।
घटना को 12 दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता का परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल...
जब पीड़िता आरोपी के घर से बरामद हुई तो तत्काल गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
अपहरण और दुष्कर्म जैसे आरोपों में शुरुआत में सिर्फ गुमशुदगी का केस क्यों दर्ज किया गया?
आखिर किस दबाव में भदोही पुलिस कार्रवाई से बचती रही?
नोट: यह खबर पीड़िता के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
