राजगीर : बिहार के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले राजगीर मलमास मेले में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मेले में लगे ‘ट्सुनामी स्विंग’ झूले से गिरकर एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान अमन कुमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद पूरे मेले में दहशत और गुस्से का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार झूला तेज रफ्तार में चल रहा था, तभी अचानक युवक की सेफ्टी बेल्ट खुल गई और संतुलन बिगड़ने से वह ऊंचाई से नीचे जा गिरा।
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने चीख-पुकार शुरू कर दी। मेले में भगदड़ जैसे हालात बन गए। घायल युवक को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे ने मेले में मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मेले में लगे कई बड़े झूलों की तकनीकी जांच सही तरीके से नहीं की गई थी। लोगों का कहना है कि भारी भीड़ के बावजूद सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। कई झूलों में पुराने उपकरण और कमजोर सुरक्षा बेल्ट इस्तेमाल होने की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी थीं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने मेले के आयोजकों और झूला संचालकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मेले में मौजूद लोगों ने भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता से जांच की जाती, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। झूले के संचालन को फिलहाल बंद कर दिया गया है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या फिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।
राजगीर मलमास मेला हर 3 साल में आयोजित होने वाला एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक मेला माना जाता है, जहां लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में इस तरह की घटना ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
अब लोगों की मांग है कि मेले में लगे सभी झूलों और मनोरंजन उपकरणों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।
