मुंबई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने एक बार फिर सादगी और जनसामान्य से जुड़ाव का संदेश देते हुए सरकारी या चार्टर्ड विमान की बजाय आम यात्रियों की तरह नियमित हवाई सेवा से सफर किया। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुणे से बेंगलुरु के लिए IndiGo की नियमित यात्री उड़ान से रवाना हुए। उनके इस कदम की राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा हो रही है।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री बेंगलुरु में आयोजित ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। खास बात यह रही कि उन्होंने विशेष विमान या वीवीआईपी व्यवस्था से दूरी बनाते हुए आम नागरिकों की तरह कमर्शियल फ्लाइट का चयन किया। इसे प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया ईंधन बचत और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की अपील से जोड़कर देखा जा रहा है।
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से ईंधन की बचत, पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को लेकर अधिक सजग रहने का आह्वान किया था। मुख्यमंत्री फडणवीस ने उसी संदेश को व्यवहार में उतारते हुए यह उदाहरण पेश किया। राजनीतिक हलकों में इसे “प्रतीकात्मक लेकिन प्रभावी संदेश” माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने गुरुवार को विधान भवन के कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद पुणे से नियमित यात्री उड़ान पकड़ी। एयरपोर्ट पर भी उन्होंने सामान्य यात्रियों की तरह प्रक्रिया पूरी की। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और यात्रा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, जहां कई लोगों ने इसे “जनता के मुख्यमंत्री” की छवि से जोड़कर सराहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जनप्रतिनिधि और उच्च पदस्थ नेता भी सार्वजनिक परिवहन और नियमित सेवाओं का उपयोग बढ़ाएं, तो इससे न केवल सरकारी खर्च में कमी आएगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। मुख्यमंत्री के इस कदम को उसी दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।
