मुंबई : देश की सबसे महत्वाकांक्षी हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं में शामिल National High Speed Rail Corporation Limited की मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। मुंबई के विक्रोली में टनल बोरिंग मशीन (TBM) का विशालकाय कटरहेड सफलतापूर्वक नीचे उतार दिया गया है। 13.6 मीटर व्यास और करीब 350 टन वजन वाला यह कटरहेड अब भारत की सबसे बड़ी सुरंग खुदाई मशीनों में शामिल हो गया है।
यह कटरहेड TBM की मुख्य शील्ड असेंबली का अंतिम और बेहद अहम चरण माना जा रहा है। फिलहाल 3,000 टन से अधिक वजन वाली दो विशाल TBM मशीनों की जोड़ाई का कार्य तेजी से जारी है। ये मशीनें मुंबई में प्रस्तावित 21 किलोमीटर लंबे सुरंग मार्ग में से लगभग 16 किलोमीटर हिस्से की खुदाई करेंगी। इसी सुरंग में भारत की पहली 7 किलोमीटर लंबी अंडरसी रेलवे टनल भी बनाई जा रही है, जो ठाणे खाड़ी के नीचे से गुजरेगी।
इंजीनियरिंग का विशाल चमत्कार
विशालकाय कटरहेड को पांच अलग-अलग हिस्सों में निर्माण स्थल तक पहुंचाया गया, जहां लगभग 1,600 किलोग्राम हाई-प्रिसिजन वेल्डिंग की मदद से इसे जोड़ा गया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मशीन हाई-स्पीड रेल की अप और डाउन दोनों लाइनों के लिए एक ही बड़ी सुरंग तैयार करेगी।
इस मशीन में 84 अत्याधुनिक कटिंग डिस्क, 124 स्क्रेपर्स और 16 बकेट लिप्स लगाए गए हैं। कटिंग डिस्क चट्टानों को काटने का काम करती हैं, जबकि स्क्रेपर्स मिट्टी और पत्थरों को हटाते हैं। बकेट लिप्स मलबे को मशीन के मक्क चेंबर तक पहुंचाते हैं, जहां से पाइपलाइन सिस्टम के जरिए उसे बाहर निकाला जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 350 टन वजन वाला यह कटरहेड लगभग 250 मध्यम आकार की SUV गाड़ियों के संयुक्त वजन के बराबर है।
विक्रोली से BKC तक बनेगी भूमिगत हाई-स्पीड सुरंग
यह TBM विक्रोली से करीब 6 किलोमीटर लंबी यात्रा करते हुए घनी आबादी वाले इलाकों और मिठी नदी के नीचे से गुजरकर बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन तक पहुंचेगी। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, सुरंग निर्माण के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
हाईटेक मॉनिटरिंग सिस्टम से होगी सुरक्षा
सुरंग निर्माण के दौरान आसपास की इमारतों और संरचनाओं पर किसी भी संभावित प्रभाव की निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके तहत Surface Settlement Points (SSP), Optical Displacement Sensors (ODS), Tilt Meters, 3D Targets, स्ट्रेन गेज और Seismograph आधारित PPV मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल परिवहन क्षेत्र ही नहीं, बल्कि भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण तकनीक का भी वैश्विक प्रदर्शन बनेगी। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को देश के भविष्य के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की आधारशिला माना जा रहा है।
