नई दिल्ली/पुणे : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। कथित पेपर लीक मामले में पुणे की एक बॉटनी शिक्षिका मनीषा मांढरे को दिल्ली से गिरफ्तार किए जाने की खबर ने शिक्षा जगत में सनसनी फैला दी है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी शिक्षिका का संबंध उस नेटवर्क से हो सकता है, जो परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और उत्तर बेचने के अवैध कारोबार में शामिल था।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को हिरासत में लिया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ छात्रों और अभिभावकों से मोटी रकम लेकर कथित तौर पर परीक्षा सामग्री उपलब्ध कराई गई थी। फिलहाल पुलिस डिजिटल उपकरणों, मोबाइल चैट, बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि इस मामले की जांच कई राज्यों तक पहुंच सकती है। एजेंसियों को शक है कि यह कोई अकेला मामला नहीं, बल्कि संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है। सोशल मीडिया पर परीक्षा से पहले वायरल हुए कथित प्रश्नपत्रों और स्क्रीनशॉट्स को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
इस खबर के सामने आने के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। छात्रों का कहना है कि वर्षों की मेहनत के बाद यदि परीक्षा प्रणाली में ही पारदर्शिता नहीं रहेगी, तो प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। कई छात्र संगठनों ने पूरे मामले की सीबीआई जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक मामलों ने देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों ने डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने, प्रश्नपत्र वितरण प्रक्रिया में बदलाव और परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
