मुंबई : आर्थिक राजधानी मुंबई के दहिसर (पूर्व) स्थित रावलपाडा इलाके में कथित रेत माफिया के बढ़ते आतंक ने स्थानीय नागरिकों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। अवैध रेत कारोबार, भारी वाहनों की आवाजाही और खुलेआम गुंडागर्दी के बीच अब एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एक नागरिक को पिस्टल दिखाकर न सिर्फ जान से मारने की धमकी दी गई, बल्कि उसके पूरे परिवार को खत्म करने की चेतावनी भी दी गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
हाईकोर्ट केस के लिए वीडियो बना रहे थे शिकायतकर्ता
मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता रवि सुभाषचंद्र कनोजिया, जो पेशे से अकाउंटेंट हैं, ने दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि रावलपाडा स्थित चौगुले कंपाउंड में लंबे समय से अवैध रूप से रेत का भंडारण और भारी हायवा ट्रकों के जरिए परिवहन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन ट्रकों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण कई हादसे हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि 10 मार्च 2026 को इसी इलाके में एक महिला की जान भी चली गई थी।
शिकायत के मुताबिक 8 मई 2026 को रवि कनोजिया बॉम्बे हाईकोर्ट में चल रहे मामले के लिए वीडियो साक्ष्य जुटा रहे थे। इसी दौरान आरोपी कैलास कमलकार चौगुले ने उन्हें रोक लिया और कथित तौर पर अपनी शर्ट उठाकर कमर में लगी पिस्टल दिखाई।
“तुझे और तेरे खानदान को खत्म कर दूंगा”
शिकायत में दावा किया गया है कि आरोपी ने धमकी देते हुए कहा,
“अगर अभी गाड़ी नहीं जाने दी तो तुझे खत्म कर दूंगा, तेरे पूरे खानदान को भी नहीं छोड़ूंगा। जहां शिकायत करनी है कर, मैं सब देख लूंगा।”
इस घटना के दौरान आरोपी के सहयोगी संतोष घोसाळकर पर भी सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके मित्र का मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया गया, हालांकि तकनीकी मदद से वीडियो दोबारा रिकवर कर लिया गया है।
हाईकोर्ट में चल रही है सुनवाई, फिर भी जारी अवैध कारोबार
मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि इस अवैध रेत परिवहन को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में पहले से सुनवाई जारी है। Writ Petition (L) No. 11286 of 2026 के तहत दायर याचिका पर 22 अप्रैल 2026 को सुनवाई हुई थी और अगली तारीख 10 जून 2026 निर्धारित की गई है। इसके बावजूद कथित तौर पर अवैध गतिविधियां बिना किसी रोक-टोक के जारी हैं।
स्थानीय लोगों में डर, प्रशासन पर उठे सवाल
रावलपाडा और आसपास की सोसायटियों में रहने वाले लोगों का आरोप है कि इलाके में अवैध कारोबार करने वालों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। नागरिकों का कहना है कि विरोध करने या वीडियो बनाने पर खुलेआम जान से मारने की धमकी दी जा रही है, जिससे लोग भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन और पुलिस की ओर से अब तक कोई ऐसी ठोस कार्रवाई नहीं की गई जिससे इस अवैध धंधे पर स्थायी रोक लग सके। वहीं राजनीतिक दलों की चुप्पी को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
दहिसर पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना के बाद दहिसर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR No. 0662 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 126(2), 115(2), 351(2), 351(3), 352 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 30 भी लगाई गई है।
नागरिकों ने उठाई सुरक्षा की मांग
इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके में चल रहे कथित रेत माफिया के नेटवर्क पर तत्काल कार्रवाई की जाए और शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा प्रदान की जाए। लोगों का कहना है कि यदि आम नागरिक ही सुरक्षित नहीं रहेंगे और अपराधियों में कानून का डर खत्म हो जाएगा, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति होगी।
