हैदराबाद।
हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से एक खास अपील करते हुए कहा कि अगर संभव हो तो लोग अगले एक साल तक सोना खरीदने से बचें। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हर साल भारी मात्रा में सोना विदेशों से आयात करता है, जिससे देश की विदेशी मुद्रा पर बड़ा दबाव पड़ता है।
मोदी ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लोगों को अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अनावश्यक सोने की खरीद कम करें, ईंधन की बचत करें और “मेड इन इंडिया” उत्पादों को प्राथमिकता दें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश बड़ी मात्रा में सोना आयात करता है, तो करोड़ों डॉलर विदेशों में चले जाते हैं। इससे व्यापार घाटा बढ़ता है और भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है। उन्होंने समझाया कि अगर नागरिक कुछ समय तक सोने की खरीद सीमित करें, तो इससे देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के दौर से गुजर रहा है और ऐसे समय में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह देशहित में छोटे-छोटे कदम उठाए। प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने और घरेलू उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की भी अपील की।
मोदी के इस बयान के बाद राजनीतिक और आर्थिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल है और आयात कम होने से अर्थव्यवस्था को राहत मिल सकती है। वहीं, ज्वेलरी कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि लंबे समय तक सोने की खरीद में कमी आने से व्यापार प्रभावित हो सकता है।
