मुंबई / नासिक
महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए कथित धर्मांतरण मामले ने अब राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। महायुति सरकार के भीतर से ही उठ रही आवाजों ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। शिंदे गुट के मंत्री द्वारा दिए गए बयान के बाद सत्ता पक्ष में असहजता बढ़ गई है, जबकि विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का नया मुद्दा मिल गया है।
मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य में धर्मांतरण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और इसके पीछे संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो हालात और बिगड़ सकते हैं। मंत्री के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
विपक्षी दलों ने सरकार को घेरते हुए कहा कि जब खुद मंत्री कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार केवल बयानबाजी कर रही है, जबकि जमीन पर कार्रवाई कमजोर नजर आ रही है।
इस बीच पुलिस और प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, मामले में कुछ और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है, खासकर तब जब सत्ता पक्ष के नेता ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हों।
