ठाणे: जिले में डीज़ल की कथित कमी को लेकर फैली अफवाहों के बीच लागू की गई पाबंदियों में अब प्रशासन ने राहत दे दी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले लगाए गए प्रतिबंधों को संशोधित करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय ने नया आदेश जारी किया है, जिससे डीज़ल की सप्लाई और वितरण व्यवस्था फिर से सामान्य करने का रास्ता साफ हो गया है।
प्रशासन के अनुसार, जिले में फ्यूल सप्लाई की स्थिति अब नियंत्रण में है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। इसी के चलते 27 मार्च 2026 को जारी मूल आदेश में बदलाव कर डीज़ल पंप संचालकों को पहले की तरह सामान्य रूप से डीज़ल बिक्री की अनुमति दे दी गई है।
हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस राहत के साथ सख्त निगरानी भी जारी रहेगी। पंप मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति या संस्था आवश्यकता से अधिक डीज़ल का भंडारण न करे।
इसके अलावा, वाहनों के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए ले जाए जा रहे डीज़ल का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि गैर-कानूनी तरीके से डीज़ल जमा करने या नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955’ के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पेट्रोलियम नियम 2002, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत भी दंडात्मक और आपराधिक कार्रवाई हो सकती है।
जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने स्पष्ट किया है कि यह संशोधित आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अव्यवस्था को रोका जा सके।
