नई दिल्ली / मुंबई:
देश के करोड़ों मोबाइल यूज़र्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से 28 दिन वाले रिचार्ज प्लान को लेकर उठ रही शिकायतों के बीच अब सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाया है। यूज़र्स का कहना था कि 28 दिन के प्लान की वजह से उन्हें हर साल एक अतिरिक्त रिचार्ज करना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है।
इस मुद्दे को हाल ही में संसद में जोरदार तरीके से उठाया गया। आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में कहा कि टेलीकॉम कंपनियां 28 दिन के प्लान को “मंथली प्लान” बताकर उपभोक्ताओं को भ्रमित कर रही हैं। उन्होंने इसे आम जनता के साथ अन्याय बताते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।
संसद में उठे इस सवाल के बाद केंद्र सरकार हरकत में आई। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिए कि वे 30 दिन की वैधता वाले प्लान को बढ़ावा दें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि ग्राहकों को ज्यादा पारदर्शी और सुविधाजनक विकल्प दिए जाएं।
दरअसल, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) पहले ही यह नियम बना चुका है कि सभी टेलीकॉम कंपनियों को कम से कम एक ऐसा प्लान उपलब्ध कराना होगा जिसकी वैधता 30 दिन या एक महीने की हो। इसके बावजूद ज्यादातर कंपनियां 28 दिन वाले प्लान को प्राथमिकता देती रही हैं, जिससे विवाद खड़ा हुआ।
28 दिन वाले प्लान की सबसे बड़ी समस्या यह है कि एक साल में 12 महीने के बजाय 13 बार रिचार्ज करना पड़ता है। यानी यूज़र को एक अतिरिक्त महीने का खर्च उठाना पड़ता है। इसी कारण सोशल मीडिया से लेकर संसद तक इस मुद्दे पर लगातार आवाज उठती रही।
सरकार के इस नए कदम के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि टेलीकॉम कंपनियां 30 दिन वाले प्लान को ज्यादा प्रमुखता देंगी। इससे ग्राहकों को हर महीने एक ही तारीख पर रिचार्ज करने में सुविधा होगी और अनावश्यक खर्च से भी राहत मिलेगी।
हालांकि, फिलहाल 28 दिन वाले प्लान को पूरी तरह बंद करने का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। लेकिन सरकार के रुख को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले समय में 30 दिन वाले प्लान को ही मानक बनाया जा सकता है।
टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि हर महीने के दिन अलग-अलग होते हैं, इसलिए 30 दिन की वैधता लागू करने से प्लान की कीमतों में बदलाव करना पड़ सकता है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है।
