नई दिल्ली/मुंबई:
देश में स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने और गैस वितरण प्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार आने वाले समय में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन को अनिवार्य कर सकती है।
बताया जा रहा है कि जिन क्षेत्रों में PNG की सुविधा उपलब्ध है, वहां धीरे-धीरे एलपीजी (LPG) सिलेंडर की सप्लाई बंद की जा सकती है। इसका उद्देश्य गैस वितरण को अधिक सुरक्षित, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।
PNG कनेक्शन लेना हो सकता है जरूरी
सूत्रों के मुताबिक, सरकार उन इलाकों में जहां पाइपलाइन के जरिए गैस सप्लाई की सुविधा मौजूद है, वहां के घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए PNG कनेक्शन लेना अनिवार्य करने पर विचार कर रही है।
इस फैसले के लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के झंझट से मुक्ति मिलेगी और उन्हें सीधे पाइपलाइन के माध्यम से निरंतर गैस सप्लाई मिल सकेगी।
LPG सप्लाई पर लग सकती है रोक
जानकारी के अनुसार, जिन क्षेत्रों में PNG नेटवर्क पूरी तरह से विकसित हो चुका है, वहां LPG सिलेंडर की सप्लाई को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा सकता है। इससे सरकार का लक्ष्य डुप्लिकेट कनेक्शन, कालाबाजारी और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना भी है।
60 लाख कनेक्शन चिन्हित
सूत्रों के मुताबिक, देशभर में ऐसे इलाकों की पहचान की गई है जहां PNG की सप्लाई पहले से मौजूद है। इन क्षेत्रों में करीब 60 लाख उपभोक्ता कनेक्शन चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर PNG में शिफ्ट किया जा सकता है।
पर्यावरण और सुरक्षा पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि PNG, LPG के मुकाबले अधिक सुरक्षित और पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प है। इसमें गैस लीक होने का खतरा कम होता है और यह हवा को कम प्रदूषित करता है।
सरकार का यह कदम ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
अभी आधिकारिक घोषणा बाकी
हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो शहरी इलाकों में गैस उपयोग की पूरी व्यवस्था बदल सकती है।
