नई दिल्ली। केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री Ramdas Athawale ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री Narendra Modi से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्यसभा में लगातार तीसरी बार चुने जाने पर प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। मुलाकात के दौरान आठवले ने प्रधानमंत्री का नीली शॉल और पुष्पगुच्छ देकर सम्मान भी किया।
इस मुलाकात को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। आठवले ने कहा कि उन्हें तीसरी बार राज्यसभा में भेजे जाने और केंद्र सरकार में सामाजिक न्याय राज्य मंत्री के रूप में बनाए रखने से देशभर के आंबेडकरवादी और बहुजन समाज में खुशी का माहौल है।
जनगणना में बौद्ध समाज के मुद्दे उठाए
बैठक के दौरान आठवले ने देश में चल रही जनगणना प्रक्रिया में धर्मांतरित बौद्धों की सही गणना का मुद्दा उठाया। उन्होंने सुझाव दिया कि जनगणना में धर्म के कॉलम में "बौद्ध" और जाति के कॉलम में पूर्व अनुसूचित जाति का क्रमांक दर्ज किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि महाराष्ट्र में महार समुदाय, जो अनुसूचित जाति सूची में क्रमांक 59 पर है, बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म अपना चुका है। ऐसे में सही डेटा के लिए जाति का नाम नहीं बल्कि उसका अधिकृत क्रमांक दर्ज किया जाना जरूरी है।
स्कॉलरशिप बढ़ाने की मांग
आठवले ने अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों को मिलने वाली सरकारी स्कॉलरशिप में वृद्धि की मांग भी की। उन्होंने बताया कि पहले इस योजना में केंद्र सरकार का हिस्सा केवल 10% था, जिसे बढ़ाकर अब 60% कर दिया गया है, जबकि राज्य सरकार 40% योगदान देती है।
हालांकि, पिछले 15 वर्षों से स्कॉलरशिप की राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिससे छात्रों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने महंगाई को ध्यान में रखते हुए स्कॉलरशिप बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री का आश्वासन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठवले द्वारा उठाए गए दोनों मुद्दों—जनगणना में बौद्धों की गणना और स्कॉलरशिप में वृद्धि—पर सकारात्मक रुख दिखाया और इन पर विचार करने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने आठवले से कहा कि अब वे राज्यसभा में अगले छह वर्षों तक बिना किसी चिंता के अपना कार्य जारी रखें
