Shirdi Sai Baba Temple में इन दिनों गैस की कमी का असर साफ दिखाई देने लगा है। गैस की सीमित उपलब्धता के कारण साईं बाबा संस्थान को मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए भोजन और प्रसाद व्यवस्था में बदलाव करना पड़ा है। इस निर्णय के बाद मंदिर प्रशासन ने प्रसाद वितरण और भोजन व्यवस्था को अस्थायी रूप से सीमित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, साईं बाबा संस्थान में प्रतिदिन हजारों भक्तों के लिए प्रसाद और भोजन की व्यवस्था की जाती है। लेकिन हाल ही में गैस की आपूर्ति कम होने से बड़े स्तर पर भोजन पकाने में दिक्कतें आने लगीं। इसी वजह से संस्थान ने भोजन के मेन्यू में बदलाव करने का फैसला लिया है।
अब तक साईं प्रसादालय में श्रद्धालुओं को पारंपरिक वरण-भात (दाल-चावल) का प्रसाद दिया जाता था। लेकिन गैस संकट के कारण इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए अब भक्तों को मसाला चावल, एक रस्सा भाजी और चपाती परोसी जा रही है। संस्थान के अनुसार यह व्यवस्था अस्थायी है और गैस आपूर्ति सामान्य होते ही पहले की तरह भोजन व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।
इसके अलावा प्रसाद वितरण में भी बदलाव किया गया है। मंदिर प्रशासन ने बताया कि शनिवार से प्रत्येक भक्त को केवल एक लड्डू का पैकेट प्रसाद के रूप में दिया जाएगा। पहले कई बार भक्तों को अधिक मात्रा में प्रसाद उपलब्ध कराया जाता था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
साईं बाबा संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं और सभी को भोजन व प्रसाद उपलब्ध कराना संस्थान की जिम्मेदारी है। गैस की कमी के बावजूद श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह निर्णय केवल अस्थायी स्थिति को देखते हुए लिया गया है। जैसे ही गैस की आपूर्ति सामान्य होगी, प्रसादालय में पहले की तरह पूर्ण भोजन और प्रसाद की व्यवस्था फिर से शुरू कर दी जाएगी।
