नवी मुंबई: ऐरोली के साईनाथवाड़ी इलाके में आयोजित दहीहंडी उत्सव के दौरान शनिवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। ‘देविदास चौगुले प्रतिष्ठान’ की ओर से आयोजित दहीहंडी में गोविंदाओं की टीम थर (मानव पिरामिड) बना रही थी, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से पूरा मनोरा नीचे गिर गया। हादसे में घणसोली निवासी 34 वर्षीय गोविंदा स्वप्निल सदानंद नावर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उपचार शुरू करने से पहले ही मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, स्वप्निल नावर घणसोली गांव के कोळीवाड़ा क्षेत्र में रहते थे। दहीहंडी उत्सव में हिस्सा लेने के लिए वह ऐरोली के साईनाथवाड़ी पहुंचे थे। रात करीब साढ़े आठ बजे गोविंदाओं की टीम दहीहंडी फोड़ने के लिए थर तैयार कर रही थी। इसी दौरान अचानक मानव पिरामिड का संतुलन बिगड़ा और देखते ही देखते गोविंदाओं का मनोरा भरभराकर नीचे आ गिरा।
हादसे के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों और आयोजकों ने घायल गोविंदाओं को संभाला और स्वप्निल को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घणसोली के कोळीवाड़ा क्षेत्र के रहने वाले एक युवा गोविंदा की दहीहंडी उत्सव के दौरान हुई मौत की खबर से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। ऐरोली में भी इस हादसे के बाद उत्सव का माहौल गमगीन हो गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद रबाळे पुलिस स्टेशन में अकस्मात मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की ओर से हादसे के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। पुलिस जांच के बाद हादसे से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।
दहीहंडी जैसे उत्सवों में मानव पिरामिड बनाते समय सुरक्षा व्यवस्था और सावधानी बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस हादसे ने एक बार फिर गोविंदाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
