कळंबोली। कळंबोली स्थित ज्योतिर्लिंग ज्वेलर्स के संचालक महादेव नारायण चव्हाण के खिलाफ करीब 30 लाख रुपये के कथित आर्थिक लेन-देन में धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुराने सोने के आभूषण लेकर उनके बदले नए डिजाइन के सोने के आभूषण देने का भरोसा दिया गया था। इसके अलावा नकद रकम और सोने के कॉइन भी लिए गए, लेकिन बाद में न तो नए आभूषण दिए गए और न ही कथित तौर पर रकम वापस की गई।
शिकायत के अनुसार, कळंबोली स्थित ज्योतिर्लिंग ज्वेलर्स में शिकायतकर्ता ने करीब 19 तोला वजन के पुराने सोने के आभूषण नए आभूषण बनवाने के लिए दिए थे। इन पुराने आभूषणों की कीमत करीब 17 लाख रुपये निर्धारित किए जाने का दावा शिकायत में किया गया है। इसके बाद नए आभूषण तैयार करने के लिए शिकायतकर्ता ने अपने बैंक खाते से 12 जून 2025 को 8 लाख रुपये और 20 सितंबर 2025 को 5 लाख रुपये, यानी कुल 13 लाख रुपये दिए।
इस तरह पुराने सोने के आभूषण और बैंक के माध्यम से दी गई रकम को मिलाकर करीब 30 लाख रुपये के लेन-देन का दावा शिकायतकर्ता की ओर से किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि तय समय के बाद जब नए आभूषणों के बारे में ज्वेलर्स से संपर्क किया गया तो कथित तौर पर बार-बार टालमटोल की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कभी "आज दे देंगे", कभी "कल दे देंगे", तो कभी "फिलहाल पैसे नहीं हैं" और "कुछ दिन इंतजार कीजिए" जैसे जवाब दिए गए।
अप्रैल 2026 में भी नहीं मिला समाधान
शिकायत में आगे कहा गया है कि अप्रैल 2026 में शिकायतकर्ता अपने बेटे तरुण और मित्र विश्वनाथ जाधव के साथ ज्योतिर्लिंग ज्वेलर्स पहुंचे और संचालक महादेव चव्हाण से मुलाकात की। शिकायतकर्ता के अनुसार, उस समय भी उन्हें तत्काल पैसे या आभूषण उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई और भविष्य में रकम उपलब्ध होने पर आभूषण देने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से शिकायत कर मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अन्य ग्राहकों से भी लेन-देन का दावा
शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि ज्योतिर्लिंग ज्वेलर्स के साथ कथित तौर पर अन्य ग्राहकों के भी इसी तरह के लेन-देन हुए हैं। शिकायत में अलग-अलग लोगों से नकद रकम, पुराने सोने के आभूषण और सोने के कॉइन स्वीकार किए जाने तथा बदले में नए आभूषण देने का आश्वासन दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में संतोष पांडुरंग जगदाळे से करीब 8 लाख 66 हजार रुपये, हर्षला शिवाजी पाटील से करीब 1 लाख 75 हजार रुपये, पांडुरंग सखाराम पाटील से करीब 5 लाख रुपये, किरण अरुण महाजन से करीब 6 लाख 50 हजार रुपये मूल्य के सोने के कॉइन, सन्मेश भंडारे से करीब 2 लाख 68 हजार 970 रुपये मूल्य की सोने की चेन और रमेश संतोष महाजन से नकद रकम के साथ करीब 13 लाख रुपये मूल्य के सोने के कॉइन स्वीकार किए जाने का दावा किया गया है।
हालांकि, इन सभी कथित लेन-देन की स्वतंत्र रूप से जांच होना आवश्यक है। संबंधित ग्राहकों की शिकायतें, रसीदें, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेजों की पुलिस द्वारा जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस को रसीद और बैंक स्टेटमेंट सौंपने का दावा
शिकायतकर्ता के अनुसार, ज्योतिर्लिंग ज्वेलर्स में हुए लेन-देन से संबंधित लिखित रसीदें और बैंक स्टेटमेंट पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पुराने सोने के आभूषण, सोने के कॉइन और नकद रकम स्वीकार करने के बावजूद उन्हें न तो नए आभूषण मिले और न ही कथित तौर पर उनकी रकम वापस की गई।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले में पुलिस द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता, बैंक लेन-देन, रसीदों, सोने की खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेजों और अन्य ग्राहकों के कथित लेन-देन की जांच किया जाना महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल, यह मामला शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस के समक्ष लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच और न्यायिक प्रक्रिया में पुष्टि होना अभी बाकी है। महादेव नारायण चव्हाण या ज्योतिर्लिंग ज्वेलर्स की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है। उनका पक्ष या स्पष्टीकरण प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
